वाल्मीकि नगर। जटाशंकर वन क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई करने वालों के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान उनके कब्जे से अवैध रूप से काटी गई सखुआ की तीन गुल्ली बरामद की गई। बरामद लकड़ी को जब्त कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वन विभाग के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोचन राम (पिता-स्व. सुदर्शन राम), निवासी टीना शेड कॉलोनी, तथा प्रदीप कुमार (पिता-नारायण राउत), निवासी हॉस्पिटल कॉलोनी, थाना वाल्मीकि नगर, के रूप में हुई है।
बताया गया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि जटाशंकर वन क्षेत्र में कुछ लोग अवैध रूप से सखुआ के पेड़ों की कटाई कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वाल्मीकि नगर रेंजर सत्यम कुमार के निर्देश पर वनपाल आशीष कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने जंगल में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से सखुआ की तीन गुल्ली बरामद हुई, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पूछताछ के आधार पर यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध कटाई के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। रेंजर सत्यम कुमार ने कहा कि वन संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जंगलों में अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और वन अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन क्षेत्र में नियमित गश्ती और विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जटाशंकर वन क्षेत्र जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां अवैध कटाई न केवल पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित करती है, बल्कि वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती है। वन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध कटाई या वन अपराध की जानकारी मिले तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर जंगलों और प्राकृतिक संपदा की रक्षा की जा सके।














