बड़ी खबर बगहा से आ रही है जहां लौकरियां थाना क्षेत्र के हरनाटांड़ में दबंगई का एक अनोखा मामला सामने आया है।
आरोप है कि रातों-रात बिगत कुछ महीनो में रैयत की जमीन पर दर्जनभर लोगों ने गसबन कब्जा कर पक्के मकान बना लिए हैं हालांकि दावेदार ने इस संबंध में सक्षम प्राधिकार में शिकायत भी किया है।
जिसके बाद मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा है और जिला प्रशासन के आदेश पर बगहा दो अंचलाधिकारी वसीम अकरम और आरो रवि प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में भारी दल बल के साथ पुलिस प्रशासन की टीम पैमाइश के लिए मौके पर पहुंची जहां अतिक्रमण कारियों द्वारा प्रशासन को विरोध झेलना पड़ा ।
हालांकि CO औऱ RO द्वारा समझाने बुझाने पर दोनों पक्षों के दावेदार भूमि पैमाइश के लिए तैयार हुए । जिसके बाद सीओ नें पैमाइश की रिपोर्ट ज़िला प्रशासन को भेजनें के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
दरअसल एक हीं खाता खेसरा में आगे औऱ पीछे की जमीन को लेकर बवाल मचा है लिहाजा मामला अब तूल पकड़ने लगा है क्योंकि एक हीं चौहद्दी में खाता खेसरा औऱ रकबा को लेकर अड़चन फंसा है जबकि सबसे गंभीर मामला पीछे की जमीन के हकदारों द्वारा आगे आकर पक्का निर्माण समेत अतिक्रमण के बाद फंसी पेंच को दूर करने में सीओ औऱ आरओ दो दिनों से पसीना बहा रहें हैं एहतियात के तौर पर भारी संख्या में महिला पुरुष पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती की गईं है।
बताया जा रहा है कि खतियानी जमीन वर्ष 1963 में हिफाजत करीम के पिता नें बतौर रजिस्ट्री खरीद किया था बाद में खारिज दाखिल और कब्जा दखल चला आया लेकिन इसी बीच दूसरे पक्ष ने इसी जमीन के पीछे जमीन खरीदी और चौहद्दी के मुताबिक पीछे की बजाय अगले हिस्से में अवैध भवनो का निर्माण कर लिया है । क्योंकि ख़ुद अतिक्रमण कारी दूसरे पक्ष द्वारा स्वीकार किया गया है की उनकी जमीन 2009 में रजिस्ट्री करवाई गईं है लिहाजा वे लोग घर बनाकर रहने लगें हैं जबकि पीड़ित का कहना है की चुंकि हरनाटांड बगहा 1 उनका पुस्तैनी घर 25 किलोमीटर दूर होने का दूसरे पक्ष नें नाज़ायज़ लाभ उठाकर जमीन हड़प लिया है।
आरोप प्रत्यारोप के बीच दोनों पक्ष इस करोड़ों के क़ीमत वाली जमीन की मापी करवाने पर राज़ी हो गए हैं।
अब देखना होगा की प्रशासन सरकारी अमीन द्वारा कब तक इस जमीन की पैमाइश पूरी की जाती है औऱ दोनों पक्षों के चिन्हित कागजी जमीन कब उन्हें मुहैया करवाई जाती है।
जांच में जुटी पुलिस।













