वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़का था बवाल, पुलिस ने तेज की जांच.
वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के ठाड़ी गांव में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा और बुलडोजर में आगजनी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। वनपाल सूरज कुमार राम के आवेदन पर वाल्मीकिनगर थाना में सात नामजद तथा 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जबकि पुलिस आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तारी की दिशा में कार्रवाई कर रही है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को वन विभाग की टीम वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए ठाड़ी गांव पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर से गन्ने की खड़ी फसल क्षतिग्रस्त होने पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, मौके पर जमा हो गए और वन विभाग की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। विरोध के बीच माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि एक बुलडोजर (जेसीबी) में आग लगा दी गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हिंसक झड़प में उत्तर मुखिया, लक्ष्मी नारायण, इंदल महतो, सरल मुखिया तथा एक महिला समेत कुल छह ग्रामीण घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख वन विभाग ने तत्काल वाल्मीकिनगर थाना पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही बगहा एसडीपीओ निहार भूषण, एसएसबी के कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत, थानाध्यक्ष मनोज कुमार तथा भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल की गई।
थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि वनपाल के आवेदन के आधार पर सात नामजद एवं 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की गहन जांच जारी है और घटना में शामिल सभी दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।














