पश्चिमी चंपारण बिहार। भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच तनावमुक्त जीवन जीने और मेडिटेशन के टिप्स सीखने के लिए देशभर से 1500 से अधिक मीडियाकर्मी ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मान सरोवर परिसर पहुंचे हैं। यहां मीडिया विंग की ओर से ‘श्रेष्ठ विश्व के निर्माण हेतु सशक्त मीडिया’ विषय पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो, वेब और सोशल मीडिया से जुड़े संवाददाता, संपादक तथा जनसंपर्क क्षेत्र के पत्रकार भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन के दौरान मीडियाकर्मियों को नशामुक्ति का संकल्प भी कराया गया। सभी ने हाथ उठाकर नशे से दूर रहने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार सरफराज सैफी ने कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी केवल खबर दिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि खबर के पीछे की सच्चाई को सामने लाकर समाज को सही दिशा देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पत्रकारों को स्वयं से यह सवाल पूछना चाहिए कि वे समाज में केवल शोर बढ़ा रहे हैं या सकारात्मक बदलाव की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा दिया जाने वाला कंटेंट समाज को नई दिशा देने वाला और श्रेष्ठ समाज के निर्माण में सहायक होना चाहिए।
ब्रह्माकुमारीज ऐसे आयोजनों के माध्यम से पत्रकारों को मूल्यनिष्ठ जीवन जीने की कला सिखा रही है। पत्रकारों को भीतर से सुकून की जरूरत है। जब मन शांत और सकारात्मक होगा, तभी समाज को बेहतर तरीके से आईना दिखाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हमें बाहरी पहचान से अधिक आंतरिक रूप से सशक्त और सकारात्मक बनने की जरूरत है।

मैनेजिंग एडिटर एवं वरिष्ठ पत्रकार यशवंत राणा ने कहा कि मानव सभ्यता के इतिहास में हम ऐसे खतरनाक मोड़ पर खड़े हैं, जिसका सामना पहले कभी नहीं हुआ। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने मानव समाज के सामने कई नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ब्रह्माकुमारीज के महासचिव एवं मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करुणा भाई ने कहा कि भारत जल्द ही विश्व गुरु बनेगा। इसी स्वप्न के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं।
विश्व की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यदि कोई देश दुनिया को नई राह दिखा सकता है तो वह भारत है। उन्होंने कहा कि इस सपने को साकार करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है और मीडिया को इसे सकारात्मक बदलाव की मुहिम बनाना होगा।


इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, दिल्ली के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज के परिसरों में आध्यात्मिकता की सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। इस वर्ष देश में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे हुए हैं। 26 मई 1826 को पंडित युगल किशोर ने कोलकाता से ‘उदंत मार्तंड’ समाचार पत्र की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने पहले संपादकीय में इसे हिंदुस्तान के हित का अखबार बताया था। उन्होंने कहा कि साहित्य, पत्रकारिता और संचार का मूल उद्देश्य लोकमंगल है।
हम संवाद और संचार की महान परंपरा के उत्तराधिकारी हैं। आज दुनिया में कई झगड़ों का एक बड़ा कारण संवाद की कमी है। इसलिए मीडिया को समाज में संवाद, समझ और सद्भाव बढ़ाने की भूमिका निभानी होगी।

रायपुर देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. मान सिंह परमार ने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति हमेशा विश्व को जोड़ने वाली रही है। श्रेष्ठ विश्व के निर्माण में हम कैसे सहयोगी बन सकते हैं, इस पर चिंतन जरूरी है। उन्होंने कहा कि मीडिया को अधिक से अधिक सकारात्मक खबरों को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक वातावरण बने। सूचना और समाचार के बीच के अंतर को समझना जरूरी है। समाचार ऐसा होना चाहिए जो समाज को जोड़ने और लोगों में विश्वास पैदा करने का काम करे।
ब्रह्माकुमारीज मैनेजमेंट कमेटी की वरिष्ठ सदस्य राजयोगिनी बीके सुषमा दीदी ने कहा कि अब विश्व परिवर्तन का समय आ गया है। हमें इस सत्य को स्वीकार करते हुए स्वयं में सकारात्मक परिवर्तन लाना होगा। आत्मिक स्वरूप को जागृत करने की कला और शक्ति का आधार राजयोग है। ब्रह्माकुमारीज में राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से परमात्मा से मन का संबंध जोड़ने का अभ्यास कराया जाता है। उन्होंने सभी को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया, जिससे उपस्थित मीडियाकर्मियों ने गहन शांति का अनुभव किया।


प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बीके निकुंज भाई ने कहा कि सभी मीडियाकर्मी यहां से कुछ नया सीखकर जाएं और ऐसा संदेश लेकर जाएं, जिसे अपने सेवा क्षेत्र में लागू कर सकारात्मक बदलाव ला सकें। कार्यक्रम का संचालन जयपुर सबजोन की मीडिया संयोजक बीके चंद्रकला दीदी ने किया। स्वागत भाषण प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके सरला आनंद बहन ने दिया, जबकि आभार प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बीके शांतनु भाई ने माना। मधुरवाणी ग्रुप के कलाकारों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। वक्ताओं का मोमेंटो भेंटकर सम्मान किया गया।
सम्मेलन में आए अतिथियों का बाल कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत कर स्वागत किया।




















