उन्होंने बताया कि जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को और अधिक सुगम एवं सुलभ बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी, श्री तरनजोत सिंह द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर ही यह सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
इस नवाचार के तहत अब ग्राम पंचायत कार्यालय स्तर पर बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से पेंशनधारियों का निःशुल्क जीवन प्रमाणीकरण किया जाएगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायत कार्यपालक सहायकों को आवश्यक आईडी उपलब्ध करा दी गई है।
ग्राम पंचायत स्तर पर सुविधा उपलब्ध होने से पेंशनधारियों को जीवन प्रमाणीकरण के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी पंचायत कार्यपालक सहायकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने पंचायत क्षेत्र के लंबित पेंशनधारियों का शत-प्रतिशत जीवन प्रमाणीकरण सुनिश्चित करें। साथ ही, क्षेत्र में ऐसे पेंशनधारी जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उन्हें अनिवार्य रूप से चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत कार्यालय स्तर पर जीवन प्रमाणीकरण के साथ-साथ अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं एवं योजनाओं, जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सुविधाओं का लाभ भी एक ही स्थान पर प्राप्त हो रहा है।
सौरभ आलोक ने बताया कि पंचायत स्तरीय कर्मियों यथा विकास मित्र, पंचायत सचिव, कार्यपालक सहायक, किसान सलाहकार एवं राजस्व कर्मचारी को निर्देशित किया गया है कि वे स्वयं तथा माननीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से इस सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक पेंशनधारी इसका लाभ उठा सकें। वहीं, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को ग्राम पंचायत कार्यालय स्तर पर संचालित जीवन प्रमाणीकरण कार्य का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया है।
















