बगहा। मानसून की पहली अच्छी बारिश ने जहां भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत दी, वहीं बगहा नगर परिषद की तैयारियों की हकीकत भी सामने ला दी। शुक्रवार की मध्यरात्रि से शुरू हुई बारिश शनिवार को रुक-रुक कर जारी रही। कुछ ही घंटों की वर्षा में नगर परिषद क्षेत्र के कई वार्डों, सड़कों और गलियों में जलजमाव हो गया। जगह-जगह नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे आम लोगों का पैदल चलना और वाहनों का आवागमन मुश्किल हो गया। पहली ही बारिश में शहर की बदहाल जल निकासी व्यवस्था ने नगर परिषद के दावों पर सवाल खड़े कर दिए।


सबसे अधिक परेशानी बगहा बाजार, अहिरानी टोला रोड, रामधाम रोड, प्रोजेक्ट गर्ल हाई स्कूल जाने वाले मार्ग, रत्नमाला रोड तथा रत्नमाला मोड़ के समीप एनएच-727 पर देखने को मिली। इन इलाकों में सड़कें पानी से लबालब भर गईं। कई स्थानों पर नालियों का गंदा पानी सड़क पर फैल गया, जिससे राहगीरों को कीचड़ और दुर्गंध के बीच आवागमन करना पड़ा।दोपहिया वाहन चालक फिसलन और गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका के बीच सफर करते नजर आए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है। नागरिकों का आरोप है कि समय रहते नालों की समुचित सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि आने वाले दिनों में लगातार बारिश हुई तो कई मोहल्लों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।

बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। कई संपर्क सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ। हालांकि किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेतों की जुताई और धान की रोपाई प्रभावित थी। अब पर्याप्त नमी मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है और खरीफ फसलों की बेहतर पैदावार की उम्मीद जताई है। लेकिन शहर की बदहाल व्यवस्था ने इस राहत पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठा ने बताया कि जलजमाव वाले क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। आवश्यकता पड़ने पर कच्चे नालों के माध्यम से भी पानी निकाला जा रहा है। स्वच्छता पदाधिकारी अबू बाकी, सिटी मैनेजर चंदन कुमार सहित अन्य अधिकारियों को लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी जलजमाव की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल टीम भेजकर पानी की निकासी कराई जा रही है।

फिलहाल शहरवासियों का कहना है कि राहत कार्यों से अधिक आवश्यकता स्थायी समाधान की है। उनका मानना है कि यदि मानसून से पहले नालों की प्रभावी सफाई और जल निकासी तंत्र को मजबूत किया जाता, तो पहली ही बारिश में शहर की सड़कों को तालाब में तब्दील होने की नौबत नहीं आती।















