प्रखंड, अंचल व सीएचसी का किया निरीक्षण
निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्य पूरा करने का दिया निर्देश
टीवी मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम के तहत गुरुवार को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौलिया में टीबी मरीजों के उपचार एवं पोषण सहायता के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार, उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, एसीएमओ डॉ. रमेश चंद्रा तथा अन्य अधिकारियों ने 15 टीबी मरीजों के बीच पोषण सहायता के रूप में बास्केट किट का वितरण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर जांच, नियमित दवा और पौष्टिक भोजन से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने मरीजों से चिकित्सकीय सलाह का पालन करने, निर्धारित समय पर दवा लेने तथा संतुलित आहार अपनाने की अपील की। साथ ही टीबी के लक्षण, संक्रमण से बचाव और उपचार की विस्तृत जानकारी भी दी।
बास्केट किट वितरण के बाद जिलाधिकारी ने सीएचसी का निरीक्षण किया और दवा वितरण काउंटर, पूछताछ केंद्र सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।
सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, वजन में कमी, बुखार या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हों तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और नियमित उपचार से टीबी पर पूरी तरह विजय प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम कुमार, अंचलाधिकारी डॉली कुमारी, हेल्थ मैनेजर शकील अहमद,बीसीएम राहुल कुमार झा, प्रधान सहायक सुशांत कुमार, थाना प्रभारी अमर कुमार सहित स्वास्थ्यकर्मी, प्रखंड एवं अंचल के कर्मी मौजूद रहे।












