बेतिया। बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग की पहल पर पश्चिम चंपारण जिले के 42 निर्वाचित मुखियाओं का दल सोमवार को चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण के लिए उत्तर प्रदेश रवाना हुआ। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत आयोजित इस एक्सपोजर विजिट का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों की प्रशासनिक एवं विकासात्मक क्षमता को मजबूत करना तथा उन्हें अन्य राज्यों की सफल ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली से अवगत कराना है।
समाहरणालय परिसर से उप विकास आयुक्त एवं जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर अध्ययन दल को रवाना किया। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को सफल भ्रमण के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के अध्ययन दौरे से पंचायत प्रतिनिधियों को नई कार्यशैली और विकास के प्रभावी मॉडल सीखने का अवसर मिलेगा।

यह भ्रमण 20 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान पश्चिम चंपारण जिले के विभिन्न प्रखंडों से चयनित 42 मुखिया उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले की मॉडल ग्राम पंचायतों का दौरा करेंगे। वहां वे पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं, सुशासन, वित्तीय प्रबंधन, स्वच्छता, डिजिटल सेवाओं, जनभागीदारी तथा स्थानीय स्तर पर किए गए नवाचारों का अध्ययन करेंगे।
पंचायती राज विभाग के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार के पंचायत प्रतिनिधियों को अन्य राज्यों की सफल पंचायतों के अनुभवों से जोड़ना है, ताकि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में भी स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बेहतर विकास योजनाएं लागू कर सकें। अध्ययन भ्रमण से लौटने के बाद प्रतिनिधियों से अपने अनुभव साझा करने और पंचायतों में नवाचारों को लागू करने की अपेक्षा की गई है।

यह पहल पंचायतों को आत्मनिर्भर, पारदर्शी और विकासोन्मुख बनाने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।














