महिला सशक्तिकरण से ही होगा समग्र ग्रामीण विकास, पंचायतें बनेंगी ग्राम स्वराज की मजबूत नींव : बीडीओ प्रदीप कुमार
चौतरवा।रविवार को पंचायत चंदरपुर रतवल के प्रांगण में पंचायत विकास दिवस उत्साह एवं जनभागीदारी के साथ मनाया गया।जिसमें बगहा के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों, जीविका दीदियों,आशा कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही।कार्यक्रम के दौरान मुखिया नितेश राव, मुकेश शर्मा के साथ अन्य लोग उपस्थित रहे।अपने संबोधन में बीडीओ प्रदीप कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने का सबसे प्रभावी माध्यम ग्राम पंचायतें हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के 73वें संशोधन ने पंचायतों को संवैधानिक अधिकार और जिम्मेदारियां प्रदान कर ग्रामीण विकास को नई दिशा दी है। आज ग्राम पंचायतें केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास की रोशनी गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। प्रदीप कुमार ने कहा कि जून माह का विषय "महिला हितैषी पंचायत"अत्यंत महत्वपूर्ण है।समाज और गांव के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, विकास उतना ही स्थायी और प्रभावी होगा। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है और इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाना पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मुखिया नितेश राव ने कहा कि इसके लिए पंचायतों में पारदर्शिता,जनभागीदारी और जवाबदेही को लगातार मजबूत किया जा रहा है। पंचायत विकास दिवस इसी सोच का परिणाम है, जहां ग्रामीण स्वयं अपनी आवश्यकताओं, समस्याओं और विकास योजनाओं पर खुलकर चर्चा करते हैं तथा उनके समाधान की दिशा तय करते हैं। कार्यक्रम में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, ई-पंचायत एवं अन्य ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से पंचायतों में संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीणों को ग्राम पंचायत की आय,विभिन्न स्रोतों से प्राप्त राशि, विकास कार्यों पर हुए व्यय तथा शेष राशि की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। पंचायत की आय बढ़ाने के उपायों एवं आगामी माह में शुरू होने वाली विकास योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।पंचायत विकास दिवस के दौरान ग्रामीणों से विकास संबंधी सुझाव एवं आकांक्षाएं प्राप्त की गईं। इन सुझावों की सूची तैयार कर निश्चय पोर्टल पर अपलोड की जा रही है, ताकि संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।कार्यक्रम में बताया गया कि ग्राम पंचायतें वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (सदा) की प्राप्ति के लिए संकल्पबद्ध हैं। इन लक्ष्यों को नौ प्रमुख विषयों के माध्यम से पंचायत स्तर पर लागू किया जा रहा है। इसमें महिलाओं का सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक समावेशन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


















