गौनाहा। पश्चिम चंपारण के गौनाहा प्रखंड में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने एक बार फिर विकास के दावों की हकीकत उजागर कर दी है। बोडहा नदी का जलस्तर बढ़ते ही बेलसंडी पंचायत के टिकुल टोला के पास आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। पुल नहीं होने के कारण आसपास की करीब पांच पंचायतों के हजारों ग्रामीणों का संपर्क मुख्य बाजार और आवश्यक सेवाओं से कट गया है। हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन वर्षों बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बोडहा नदी पर पुल निर्माण की मांग पिछले करीब 15 वर्षों से लगातार उठाई जा रही है। चुनाव के समय कई विधायक, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर पुल निर्माण का भरोसा देते रहे, लेकिन आश्वासन कभी जमीन पर नहीं उतर सका। नतीजा यह है कि हर मानसून में हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, थरूहट क्षेत्र के लोगों के लिए नरकटियागंज प्रमुख बाजार होने के साथ-साथ इलाज, बैंकिंग और अन्य आवश्यक सेवाओं का भी मुख्य केंद्र है। नदी में पानी बढ़ते ही सीधा संपर्क टूट जाता है और लोगों को करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर नरकटियागंज जाना पड़ता है। इससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ जाते हैं।

सबसे अधिक परेशानी गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। दूरी और खराब रास्ते के कारण इलाज में देरी हुई, जिससे कई परिवारों को अपूरणीय क्षति भी झेलनी पड़ी। इसके बावजूद अब तक पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात शुरू होते ही प्रशासनिक अधिकारी स्थिति का जायजा तो लेते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान पर गंभीरता नहीं दिखती। हर साल बाढ़ और जलभराव के दौरान यही संकट दोहराया जाता है और बारिश खत्म होते ही यह मुद्दा भी ठंडे बस्ते में चला जाता है।

स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग से बेलसंडी पंचायत के टिकुल टोला स्थित बोडहा नदी पर अविलंब पुल निर्माण शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो हर मानसून में हजारों लोगों की जिंदगी इसी तरह जोखिम और परेशानियों के बीच गुजरती रहेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम देखने की जरूरत है।













