बेतिया नगर निगम के सफाई कर्मियों की 30 जुलाई से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को अब एटक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का खुला समर्थन मिल गया है। एटक के उप महासचिव एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी पश्चिमी चंपारण के जिला सचिव ओमप्रकाश क्रांति ने कहा कि यह हड़ताल कर्मचारियों की मजबूरी नहीं, बल्कि सरकार और विभाग की उदासीनता का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कर्मियों के फेडरेशन और यूनियन ने हड़ताल से पहले कई बार सरकार और नगर विकास विभाग को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, अल्टीमेटम दिया और
सम्मानजनक वार्ता की मांग की, लेकिन किसी स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी गई। ऐसे में कर्मचारियों को मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

ओमप्रकाश क्रांति ने कहा कि सरकार और प्रशासन को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अविलंब सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक वार्ता करनी चाहिए तथा उनकी सभी जायज मांगों को स्वीकार कर हड़ताल समाप्त कराने की पहल करनी चाहिए। उनका कहना था कि नगर निकायों में स्थायी पद लगातार समाप्त किए जा रहे हैं और उनकी जगह संविदा तथा आउटसोर्सिंग व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे सफाई कर्मियों का आर्थिक और मानसिक शोषण बढ़ा है। निजी कंपनियों के माध्यम से काम कराने की व्यवस्था में मजदूरों को उनके श्रम का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।

उन्होंने मांग की कि नगर निकायों में रिक्त स्थायी पदों पर नियमित बहाली की जाए, सभी कर्मियों को सेवा संबंधी वैध सुविधाओं का लाभ मिले तथा सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया जाए। बढ़ती महंगाई के दौर में मजदूरों को सम्मानजनक वेतन और सुरक्षित रोजगार मिलना आवश्यक है।
एटक नेता ने बताया कि हाल ही में आयोजित एटक के राज्य सम्मेलन में भी सफाई कर्मियों की मांगों के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि एटक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी पूरी ताकत के साथ सफाई कर्मियों के संघर्ष में उनके साथ खड़ी है। यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो संगठन मजदूरों के समर्थन में सड़क पर उतरकर व्यापक आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
इस दौरान एटक की ओर से बेतिया नगर निगम के हड़ताली सफाई कर्मियों के आंदोलन को औपचारिक समर्थन देते हुए सरकार और नगर एवं शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से सम्मानजनक समझौता करने तथा कर्मचारियों की सभी जायज मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई।


















