पश्चिमी चंपारण के इनरवा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब इनरवा शिव मंदिर के पास सरेह में किसानों को अचानक एक विशाल गैंडा दिखाई दिया। जंगल की ओर से भटककर आबादी के करीब पहुंचे गैंडे को देखकर खेतों में काम करने पहुंचे किसानों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। ग्रामीणों के शोर और लोगों की भीड़ से घबराकर गैंडा पास के एक गन्ने के खेत में घुस गया।
घना गन्ना होने के कारण उसकी सटीक स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और ग्रामीणों को मौके से दूर रहने की सलाह दी गई।

सूचना मिलते ही इनरवा थानाध्यक्ष संतोष कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को गन्ने के खेत के आसपास जाने से रोकते हुए भीड़ को पीछे हटाया। इसके बाद वन विभाग की टीम और 44वीं वाहिनी SSB नगरदेही के इंस्पेक्टर रविकांत कुमार भी जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए गैंडे की गतिविधियों पर निगरानी शुरू कर दी। गन्ने के खेत में छिपे गैंडे की लोकेशन पता करने के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जा रही है।
पुलिस और एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन के जरिए गैंडे की सटीक लोकेशन ट्रैक की जा रही है। वन विभाग की विशेषज्ञ टीम के सहयोग से उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की तैयारी है। अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू के दौरान ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

गैंडे की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और भीड़ नहीं लगाने की अपील की है। लोगों को विशेष रूप से गन्ने के खेत और आसपास के इलाकों में जाने से मना किया गया है। प्रशासन का कहना है कि जब तक गैंडे को सुरक्षित तरीके से बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।

फिलहाल गैंडे के कारण किसी व्यक्ति के घायल होने या जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि आबादी के पास जंगली जानवर के पहुंचने से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। वन विभाग और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और गैंडे को सुरक्षित रूप से जंगल में वापस भेजने की कोशिश जारी है।

















