बगहा। सीमावर्ती क्षेत्रों में जनकल्याण और ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में 65वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बेतिया ने मंगलवार को ग्राम मटेरिया में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। कमांडेंट नंदन सिंह मेहरा के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का संचालन क्षेत्रक मुख्यालय एसएसबी, बेतिया के सहायक कमांडेंट (पशु चिकित्सा) डॉ. विनीत कुमार की देखरेख में किया गया।

शिविर में सीमावर्ती गांवों के 82 पशुपालकों के कुल 487 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार पूरी तरह निःशुल्क किया गया। उपचारित पशुओं में गाय, भैंस, बकरी और घोड़े शामिल रहे। जांच के दौरान जरूरतमंद पशुओं को आवश्यक दवाइयां भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई गईं, जिससे पशुपालकों को आर्थिक राहत मिली। इस अवसर पर पशुपालकों को पशुओं की बेहतर देखभाल, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित टीकाकरण, स्वच्छता तथा विभिन्न संक्रामक रोगों की रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर उपचार और नियमित स्वास्थ्य जांच से पशुओं की उत्पादकता बढ़ती है तथा बीमारियों से होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।

शिविर का लाभ उठाने वाले ग्रामीणों ने एसएसबी की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाकों में इस तरह के चिकित्सा शिविर पशुपालकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाने की मांग की। एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि 65वीं वाहिनी केवल सीमा सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, जागरूकता, स्वच्छता और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में समय-समय पर विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों के साथ विश्वास, सहयोग और बेहतर समन्वय स्थापित करना है, जिससे सीमा क्षेत्र के लोगों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।














