11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए दोनों भाई, एक ही घर से उठेंगी दो अर्थियां

चौतरवा।बगहा पुलिस जिला के चौतरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत चौबरिया गांव के वार्ड संख्या-11 में शुक्रवार को हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। गांव निवासी भिखारी गोड़ के दो सगे पुत्रों की 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक ही घर से दो जवान बेटों की अर्थी उठने की खबर से हर किसी की आंखें नम हो गईं।प्राप्त जानकारी के अनुसार भिखारी गोड़ का छोटा पुत्र अपने ससुराल सिसवा बसंतपुर गांव में जमीन खरीदकर मकान का निर्माण करा रहा था। बड़ा भाई राजमिस्त्री का कार्य करता था और दोनों भाई शुक्रवार की सुबह निर्माण कार्य कराने के लिए वहां पहुंचे थे। मकान निर्माण के दौरान लोहे की एक लंबी सरिया (छड़) को सीधा किया जा रहा था। इसी दौरान सरिया ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन से स्पर्श कर गई। तेज करंट की चपेट में आने से दोनों भाई गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।मृतकों की पहचान लगभग 28 वर्षीय नन्हू गोड़ एवं लगभग 25 वर्षीय सन्हू गोड़ के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की भारी भीड़ मृतकों के घर पर जुट गई और पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। बता दें कि दोनों का पोस्टमार्टम बेतिया GMCH में हो रहा हैं।बताया गया कि मृतक नन्हू गोड़ अपने पीछे पत्नी ममता देवी तथा पुत्र आदित कुमार को छोड़ गए हैं। वहीं सन्हू गोड़ के परिवार में पत्नी चांदनी देवी, पुत्र अंकुश तथा दो पुत्रियां हैं,जिनमें एक का नाम गुड़िया बताया गया है।दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।मृतक के चचेरे भाई रघमन्नू ने बताया कि दोनों भाई मकान निर्माण के दौरान सरिया सीधा कर रहे थे। सरिया अचानक ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गई, जिससे दोनों करंट की चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर निर्माण कार्य के दौरान विद्युत सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों को उजागर कर दिया है। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है तथा ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हुए हैं।















