...70 वीं बीपीएससी में बाजी मार बढ़ाया पूरे जिले का मान और प्रतिष्ठ
बेतिया के लोकप्रिय सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले पश्चिम चंपारण के हरिनगर निवासी युवा शुभम जायसवाल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। सांसद ने शुभम की उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि युवाओं की ऐसी सफलताएँ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
पश्चिम चंपारण जिले के हरिनगर निवासी शुभम जायसवाल ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर पूरे जिले का मान और प्रतिष्ठा बढ़ाया है। उनकी सफलता की कहानी संघर्ष, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास की प्रेरक मिसाल है।
शुभम का जन्म एक शिक्षित और संस्कारवान परिवार में हुआ। उनके पिता श्री शशांक जायसवाल तथा माता श्रीमती निधि जायसवाल ने बचपन से ही उन्हें अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी। शुभम अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने बड़े मामा जी और उनके परिवार को भी देते हैं, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया और उनका मनोबल बनाए रखा।
उन्होंने अपनी वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा ए. जी. चर्च स्कूल, बेतिया से तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा रेज़ोनेंस इंटरनेशनल स्कूल, मुज़फ्फरपुर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से वर्ष 2020 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. की डिग्री प्राप्त की।
स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद शुभम ने वर्ष 2020 से 2022 तक एक निजी कंपनी में कार्य किया। हालांकि उनके सामने एक स्थिर पेशेवर जीवन था, लेकिन उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की सेवा करना था। इसी उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2022 में नौकरी छोड़कर पूरी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी।
उनकी सिविल सेवा यात्रा चुनौतियों से भरी रही। उन्होंने 68वीं बीपीएससी परीक्षा में भाग लिया और उससे मिले अनुभवों का उपयोग अपनी तैयारी को और बेहतर बनाने में किया। इसके बाद 69वीं बीपीएससी परीक्षा में वे साक्षात्कार चरण तक पहुँचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में स्थान नहीं बना सके। इस असफलता ने उन्हें निराश करने के बजाय और अधिक दृढ़ बना दिया।
इस पूरे सफर में उनके परिवार का योगदान महत्वपूर्ण रहा। विशेष रूप से उनके छोटे भाई ने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया। उनके छोटे भाई ने वर्ष 2023 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। दोनों भाइयों की उपलब्धियाँ परिवार की शिक्षा, परिश्रम और सेवा भावना को प्रतिबिंबित करती हैं।
लगातार प्रयास, आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय का परिणाम उन्हें 70वीं बीपीएससी परीक्षा में मिला, जहाँ उन्होंने उल्लेखनीय सफलता हासिल कर अपनी मेहनत को उपलब्धि में बदल दिया। इस सफलता से उनके परिवार, मित्रों, शुभचिंतकों और पूरे पश्चिम चंपारण क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
अपनी सफलता पर शुभम जायसवाल ने कहा, "यह उपलब्धि केवल मेरी नहीं है, बल्कि मेरे माता-पिता, बड़े मामा जी के परिवार, मेरे भाई, शिक्षकों और उन सभी लोगों की है जिन्होंने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। असफलताएँ जीवन का अंत नहीं होतीं, बल्कि आगे बढ़ने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करती हैं।"
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश देते हुए शुभम ने कहा कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और स्वयं पर विश्वास सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने युवाओं से असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेने और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहने का आग्रह किया।
सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने शुभम को पुनः शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पश्चिम चंपारण के युवाओं में अपार प्रतिभा है और शुभम की उपलब्धि इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शुभम की सफलता जिले के अनेक युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही उन्होंने शुभम को आगे के जीवन में भी निरंतर प्रगति करते रहने, नई सफलताएँ प्राप्त करने और इस उपलब्धि पर रुकने के बजाय और बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
आज शुभम सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में अपनी नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार हैं। उनकी सफलता की कहानी बिहार के हजारों युवाओं को यह संदेश देती है कि यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखे और निरंतर प्रयास करता रहे, तो सफलता निश्चित रूप से उसके कदम चूमती है।













