बेतिया। भारत-नेपाल सीमा से सटे इनरवा क्षेत्र में एक नेपाली नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर नेपाल से भारत लाए जाने का मामला सामने आया है। एसएसबी की मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU) 47वीं वाहिनी, बिहार पुलिस, इनरवा थाना और नेपाल की सामाजिक संस्था (एनजीओ) की संयुक्त कार्रवाई से नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पश्चिम चंपारण निवासी भारतीय युवक नौशाद खान ने नेपाल की एक नाबालिग लड़की को प्रेमजाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर उसे भारत ले आया। मामले की सूचना मिलते ही एसएसबी, स्थानीय पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम हरकत में आई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ के दौरान लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि हुई। इसके बाद भारतीय और नेपाली एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। अंततः बिहार पुलिस के इनरवा थाना द्वारा नाबालिग को सुरक्षित रूप से जनकी टोला पुलिस चौकी, नेपाल के सुपुर्द कर दिया गया। इस अभियान में एसएसबी की मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU) से सब इंस्पेक्टर अनु बेनवाला, एएसआई हेमराज, हवलदार अरविंद द्विवेदी, महिला सिपाही संगीता और बेबी कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं एसएसबी 47वीं वाहिनी से इंस्पेक्टर जमील सैफी, एएसआई ज्योतिष मालाकार तथा आरक्षी आकाश भी अभियान में शामिल रहे।
नेपाल की सामाजिक संस्था ज्योति सामुदायिक विकास सेवा की ओर से इंचार्ज कृति ओली और माया ठेंगा ने भी सक्रिय सहयोग दिया। स्थानीय पुलिस की ओर से इनरवा थानाध्यक्ष संतोष कुमार, हेड कांस्टेबल पूनम कुमारी और पुलिसकर्मी दिलीप कुमार पूरी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे अभियान में नाबालिग की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे सकुशल नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया। प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि मानव तस्करी, बाल विवाह या नाबालिगों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस, एसएसबी या अन्य सुरक्षा एजेंसियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।













