बेतिया के नौतन में एक अजीबो गरीब घटना सामने आ रही है। जहां अंतिम यात्रा का नाम सुनते ही आंखों के सामने गम और सन्नाटे की तस्वीर उभरती है। लेकिन पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड के डबरिया मकरीटोला में सोमवार को नजारा बिल्कुल उलट था। 108 वर्षीय छठु पटेल की अर्थी आगे बढ़ रही थी और पीछे आर्केस्ट्रा की धुन पर कलाकार नाचते हुए चल रहे थे। ढोल-नगाड़ों की आवाज से रास्ता गूंज रहा था। सड़क किनारे खड़े लोग इस अनोखी शवयात्रा को देखकर कुछ देर के लिए रुक गए। कई लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया।
परिजनों के अनुसार छठु पटेल की इच्छा थी कि उनके निधन पर घर में
मातम नहीं मनाया जाए। वे चाहते थे कि दुनिया से विदा होते समय लोग उन्हें आंसुओं के बजाय मुस्कुराकर याद करें। बेटे मुकेश पटेल ने पिता की इसी आखिरी इच्छा को पूरा करने का फैसला लिया।
शवयात्रा में अर्थी के पीछे आर्केस्ट्रा और कलाकारों का काफिला चलता रहा। इस अलग अंदाज की विदाई की चर्चा पूरे इलाके में है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद लोग इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। परिवार के लिए यह दिखावा नहीं, बल्कि 108 वर्षीय बुजुर्ग की आखिरी इच्छा का सम्मान था।


















