बगहा। पश्चिम चंपारण के बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में शुक्रवार दोपहर प्रसव के दौरान मृत नवजात के जन्म के बाद जमकर हंगामा हुआ। नवजात की मौत से आक्रोशित परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए लेबर रूम में घुसकर तोड़फोड़ की। इस दौरान लैपटॉप, टेबल सहित अस्पताल की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित रहीं।

जानकारी के अनुसार, चौतरवा थाना क्षेत्र के चौतरवा गांव निवासी रितेश राम अपनी पत्नी ज्योति देवी को प्रसव पीड़ा होने पर अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। प्रसव के दौरान मृत नवजात का जन्म हुआ। इसके बाद परिजनों ने चिकित्सकों और जीएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर उचित इलाज और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल मिलती तो नवजात की जान बचाई जा सकती थी। इसी आरोप को लेकर अस्पताल परिसर में विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते हंगामे की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आक्रोशित लोगों ने लेबर रूम में घुसकर जमकर हंगामा किया। तोड़फोड़ के दौरान अस्पताल के कुछ महत्वपूर्ण अभिलेख भी अस्त-व्यस्त हो गए। स्थिति बिगड़ती देख चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों ने सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल का मुख्य गेट बंद कर दिया। घटना के कारण करीब दो घंटे तक अस्पताल की सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।

घटना की सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष शैलेश कुमार, एसआई हरीश चंद्र कुमार, एएसआई ध्रुव प्रसाद समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और अस्पताल प्रबंधन तथा परिजनों के बीच वार्ता कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन तत्काल कोई सहमति नहीं बन सकी।

अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सा कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही की शिकायत पुलिस को सौंपी है। नगर थानाध्यक्ष शैलेश कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने पूरे घटनाक्रम की सूचना वरीय अधिकारियों को भेज दी है।
















