बगहा। पश्चिम चंपारण के बगहा अनुमंडल के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में शनिवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। क्षेत्र को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने ऑनलाइन माध्यम से बगहा अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में बनने वाले 100 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल भवन का शिलान्यास किया। इसी कार्यक्रम के दौरान प्रखंड बगहा के पतिलार स्थित नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन का भी ऑनलाइन उद्घाटन किया गया। स्थानीय स्तर पर आयोजित समारोह में बगहा विधायक राम सिंह ने फीता काटकर सीएचसी भवन का लोकार्पण किया।

बीएमएसआईसीएल के परियोजना प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में करीब ₹33 करोड़ की लागत से चार मंजिला आधुनिक अस्पताल भवन का निर्माण कराया जाएगा। इस भवन में 100 बेड के अलावा अत्याधुनिक ओपीडी, महिला एवं पुरुष वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी यूनिट, प्रसूति सेवाएं, जांच सुविधाएं और अन्य आधुनिक चिकित्सा व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य को 18 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना प्रबंधक ने बताया कि निर्माण एजेंसी एक से दो सप्ताह के भीतर कार्य शुरू कर देगी। इसके लिए अस्पताल परिसर में मौजूद बिजली के पोल हटाने और निर्माण क्षेत्र में आने वाले चिन्हित पेड़ों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पहले पूरी की जाएगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पतिलार में ₹5.67 करोड़ की लागत से निर्मित 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह तैयार हो चुका है। भवन स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया गया है। आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होते ही यहां नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी, जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों के हजारों लोगों को सीधे लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. ए.के. तिवारी, पीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश सिंह नीरज, बीएमएसआईसीएल के अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष अचिंत्य कुमार लल्ला, भुलन साह, प्रमोद प्रसाद उर्फ काजू सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

नए अस्पताल भवन और पतिलार सीएचसी के संचालन से बगहा अनुमंडल में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा व्यापक होगा। क्षेत्रवासियों का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल बनने के बाद गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बेतिया, गोरखपुर या अन्य शहरों का रुख कम करना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की बचत होगी तथा स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।














