बगहा। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-एक प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज महीपुर भतौड़ा के अहिरवलिया गांव के वार्ड संख्या-7 में वर्षों से अधूरी पड़ी नाली निर्माण योजना को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बरसात के बीच जलजमाव और गंदगी से परेशान दर्जनों ग्रामीण स्थानीय निवासी रमेश फौजी के नेतृत्व में सड़क पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से तत्काल निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की।

ग्रामीणों ने बताया कि लाल बाबू यादव के घर से स्वर्गीय नेउर राम के घर तक वर्ष 2020-21 की विकास योजना के तहत 10 लाख 66 हजार 812 रुपये की लागत से नाली निर्माण स्वीकृत हुआ था। वर्ष 2022 में निर्माण कार्य शुरू भी किया गया, लेकिन कुछ दूरी तक नाली बनाकर काम बीच में ही रोक दिया गया। इसके बाद न तो निर्माण एजेंसी ने दोबारा काम शुरू किया और न ही संबंधित अधिकारियों ने इसकी सुध ली। नतीजा यह है कि वर्ष 2026 तक भी योजना अधूरी पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में पूरा वार्ड जलमग्न हो जाता है। घरों के बाहर गंदा पानी जमा रहने से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल जाने, बुजुर्गों को आने-जाने और महिलाओं को दैनिक कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण दुर्गंध फैल रही है, जिससे संक्रामक और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत स्तर की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि लाखों रुपये की योजना वर्षों से अधूरी पड़ी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला, जबकि जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे प्रखंड और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर योजना में हुई लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने तथा अधूरी नाली का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की, ताकि बरसात के मौसम में वार्डवासियों को जलजमाव, गंदगी और आवागमन की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन नहीं होने से आम जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर अधूरी योजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।














