दूर दूर से पानी ढोने की मजबूरी के बीच युवतियों ने दिखाई एकजुटता गांव में पेयजल संकट दूर करने की दिशा में बढ़ाया कदम.पानी की किल्लत से जूझ रही युवतियों ने दिखाई मिसाल, हैंडपंप बोरिंग में दिया आर्थिक योगदान
दोन (पश्चिम चंपारण), संवाददाता। पश्चिम चंपारण के दुर्गम दोन क्षेत्र में पेयजल संकट से परेशान युवतियों ने आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता की अनूठी मिसाल पेश की है। वर्षों से पानी की समस्या झेल रही युवतियों ने गांव में हैंडपंप बोरिंग कराने के लिए स्वयं आर्थिक योगदान दिया, जिससे लोगों को जल्द ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में गर्मी और बरसात के मौसम में पेयजल की समस्या गंभीर हो जाती है। कई परिवारों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और युवतियों को होती है, जिन्हें प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है।
लगातार बढ़ती समस्या को देखते हुए गांव की युवतियों ने आपस में बैठक कर चंदा इकट्ठा करने का निर्णय लिया। सभी ने अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग दिया और हैंडपंप बोरिंग का कार्य शुरू कराया। युवतियों की इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी स्तर पर पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को स्वयं आगे आना पड़ा। युवतियों की इस पहल से न केवल गांव में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि अन्य गांवों के लिए भी यह प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि ऐसे क्षेत्रों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दें तो ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए स्वयं संघर्ष नहीं करना पड़ेगा।
मुख्य बिंदु
दोन क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल संकट।
युवतियों ने चंदा जुटाकर हैंडपंप बोरिंग का कार्य कराया।
महिलाओं और बच्चियों को सबसे अधिक होती थी परेशानी।
ग्रामीणों ने युवतियों की पहल की सराहना की।
प्रशासन से स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग।















