बगहा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तत्वावधान में गुरुवार को बगहा में पवित्र रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप सभापति सह भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष रश्मि रंजन सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। ब्रह्माकुमारी बहनों ने उपस्थित लोगों को रक्षासूत्र बांधकर रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में पूरा माहौल आध्यात्मिक एवं सकारात्मक रहा। रक्षासूत्र बांधते हुए बहनों ने लोगों को आपसी प्रेम, विश्वास, शांति, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
उपस्थित लोगों ने भी इस अवसर पर समाज में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया।

बगहा क्षेत्र की इंचार्ज बीके रेखा दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मिक प्रेम, विश्वास, सम्मान और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य को बाहरी सुख-सुविधाओं के साथ-साथ आंतरिक शांति और सकारात्मक सोच की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रक्षासूत्र हमें यह स्मरण कराता है कि हम अपने जीवन में नकारात्मकता, क्रोध और वैमनस्य को दूर कर प्रेम, शांति और सहयोग की भावना को अपनाएं।

आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़कर व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ परिवार और समाज में भी सकारात्मक वातावरण का निर्माण कर सकता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था का उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा देना है।

रश्मि रंजन ने कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, विश्वास, आत्मीयता और सामाजिक सौहार्द का पर्व है। ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम लोगों को सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने के साथ लोगों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना का संदेश देते हैं।

उन्होंने आयोजन के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की बहनों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में शांति, सद्भाव एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बीके अन्नु बहन, बीके साक्षी बहन, शीला माता जी, रवीन्द्र भाई जी और उमेश भाई जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने प्रेम, शांति और भाईचारे के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।


















