बगहा। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 33 में चल रहे नाला एवं पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है, जिससे सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण स्थल पर अब तक परिकलन (योजना) बोर्ड नहीं लगाया गया है। ऐसे में आम लोगों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही है कि योजना की कुल लागत कितनी है, कार्य किस एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है और इसे पूरा करने की समय-सीमा क्या निर्धारित है। लोगों का मानना है कि योजना बोर्ड नहीं लगाए जाने से निर्माण कार्य की पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पीसीसी सड़क की ढलाई भी एक समान नहीं की जा रही है। उनके अनुसार कहीं सड़क की मोटाई लगभग तीन इंच है तो कहीं मात्र डेढ़ इंच ही ढलाई की गई है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह मानकों की अनदेखी कर निर्माण कार्य किया गया तो सड़क अधिक समय तक टिकाऊ नहीं रहेगी और सरकारी धन की बर्बादी होगी।

स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, गुणवत्ता की तकनीकी जांच करवाने तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संवेदक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि नगर परिषद की अस्थायी सदस्य समिति की बैठक में भी यह निर्णय लिया गया था कि किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले शिलान्यास एवं परिकलन बोर्ड लगाया जाए, ताकि योजना से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहें। इसके बावजूद वार्ड 33 में यह व्यवस्था नहीं दिखाई देने पर लोगों ने नाराजगी जताई है।

इस संबंध में पूछे जाने पर नगर परिषद बगहा के कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठा ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें मिली है। उन्होंने कहा कि कनीय अभियंता को स्थल निरीक्षण के निर्देश दिए जाएंगे। यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता अथवा गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित संवेदक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।















