बगहा: पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल अंतर्गत सेमरा थाना क्षेत्र के बिनवलिया गांव में शनिवार देर रात एक महिला को रसोई में काम करने के दौरान सांप ने डंस लिया। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन परिजनों ने सूझबूझ दिखाते हुए बिना समय गंवाए महिला को अनुमंडलीय अस्पताल, बगहा पहुंचाया। चिकित्सकों की तत्परता और समय पर मिले इलाज की बदौलत महिला की जान बच गई। रविवार सुबह डॉक्टरों ने उसकी हालत में सुधार होने की पुष्टि करते हुए उसे खतरे से बाहर बताया। जानकारी के अनुसार, बिनवलिया गांव निवासी धुरुप राम की 27 वर्षीय पत्नी रुब्बी देवी शनिवार रात अपने घर की रसोई में खाना बना रही थीं। इसी दौरान रसोई में मौजूद एक जहरीले सांप ने उन्हें डंस लिया। अचानक हुई इस घटना से महिला चीख पड़ी। आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह की झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय बर्बाद नहीं किया और तुरंत महिला को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे।

अस्पताल में तैनात सर्जन डॉ. विजय कुमार ने बताया कि महिला के पहुंचते ही उसकी जांच की गई और सर्प दंशरोधी (एंटी स्नेक वेनम) सहित आवश्यक उपचार शुरू कर दिया गया। पूरी रात चिकित्सकीय निगरानी में इलाज चलने के बाद रविवार सुबह महिला की स्थिति में काफी सुधार देखा गया। फिलहाल वह खतरे से बाहर है और स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं। बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भर जाने से वे सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों और आबादी वाले इलाकों की ओर निकल आते हैं। ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर रसोई, बाथरूम, गोदाम और अंधेरे स्थानों में जाने से पहले सतर्क रहना चाहिए।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने या झाड़-फूंक एवं अंधविश्वास के चक्कर में पड़ने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें। उन्होंने बताया कि बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में 24 घंटे सर्पदंशरोधी इंजेक्शन उपलब्ध रहता है और प्रशिक्षित चिकित्सकों की टीम हर समय मरीजों के इलाज के लिए मौजूद रहती है। समय पर सही उपचार मिलने से अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी बरसात के मौसम में घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, झाड़ियों की नियमित कटाई कराने, रात के समय टॉर्च का इस्तेमाल करने तथा फर्श पर सोने से बचने की सलाह दी है। उनका कहना है कि जागरूकता और समय पर इलाज ही सर्पदंश से होने वाली गंभीर घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।












