बगहा। लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश और वाल्मी किनगर गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसका असर अब बगहा-1 प्रखंड के निचले इलाकों में स्थित सरकारी विद्यालयों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई विद्यालयों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो गई है।
जानकारी के अनुसार, बगहा-1 प्रखंड के कई प्राथमिक विद्यालय जलभराव की चपेट में आ गए हैं। विद्यालय परिसर में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण बच्चों के लिए विद्यालय पहुंचना और नियमित रूप से पठन-पाठन करना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न होती है। बाढ़ का पानी विद्यालयों में प्रवेश कर जाता है, जिससे कई दिनों तक शैक्षणिक गतिविधियां बाधित रहती हैं।
बावजूद इसके स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) पूरण कुमार शर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह सूचना मिली कि प्राथमिक विद्यालय गदियानी टोला, प्राथमिक विद्यालय चंद्रपुर रेता तथा प्राथमिक विद्यालय खरखरहिया टोला सहित कुछ अन्य विद्यालय बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं। स्थिति का आकलन करने के बाद संबंधित विद्यालयों के संचालन को लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है, उन्हें फिलहाल नजदीकी सुरक्षित विद्यालयों से संबद्ध कर संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए विभागीय स्तर पर पत्र निर्गत किया जा रहा है। जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह नहीं उतर जाता, तब तक प्रभावित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई संबद्ध विद्यालयों में ही कराई जाएगी, ताकि उनकी शिक्षा प्रभावित न हो।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बाढ़ प्रभावित विद्यालयों के लिए स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था किए जाने की मांग की है, ताकि हर वर्ष बरसात के दौरान बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।


















