बगहा। सरकार की ओर से छोटे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और सुरक्षित वातावरण देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन बगहा-एक प्रखंड के बड़गांव पंचायत के वार्ड संख्या-02 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-73 की स्थिति सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। यहां नौनिहालों को भीषण गर्मी और उमस के बीच टीन की झोपड़ी के नीचे बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। केंद्र में बच्चों के लिए पंखे तक की व्यवस्था नहीं है, जबकि आसपास बिजली की सुविधा मौजूद है।
केंद्र में आने वाले छोटे बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ बच्चों की परेशानी भी बढ़ जाती है। टीन की छत के नीचे गर्मी और उमस के कारण बच्चों को लंबे समय तक बैठना मुश्किल होता है। अभिभावकों ने केंद्र में पंखा लगाने और स्थायी भवन की व्यवस्था करने की मांग की है। केंद्र के आसपास बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उगी हुई हैं। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में सर्पदंश की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में छोटे बच्चों के पढ़ने की जगह के चारों तरफ झाड़ियों का उगा रहना खतरे से खाली नहीं है। लोगों ने नियमित साफ-सफाई कराने की मांग की है।

बड़गांव के एक अन्य आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। वहां बच्चों को पढ़ाने के लिए उचित बोर्ड तक उपलब्ध नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के साथ अधिकारियों को नियमित निरीक्षण भी करना चाहिए।

आंगनबाड़ी सेविका सुनीता देवी ने बताया कि केंद्र के लिए भवन उपलब्ध कराने को लेकर कई बार अधिकारियों से बात की गई। पास के विद्यालय में जगह देने की कोशिश हुई, लेकिन वहां चार कमरे हैं और कक्षा पांच तक पढ़ाई होती है। विद्यालय प्रधानाचार्य ने अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई।

सेविका ने बताया कि फिलहाल वह अपनी जमीन पर टीन की झोपड़ी में बच्चों को पढ़ा रही हैं। केंद्र में केवल बिजली की लाइन लगाई गई है। अन्य सुविधाओं का अब भी इंतजार है।

बगहा-एक के सीडीपीओ प्रशांत झा ने बताया कि केंद्र की स्थिति की जांच कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे और बच्चों के लिए जरूरी संसाधन बहाल कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।


















