बगहा। सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय सेवा का उदाहरण पेश करते हुए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 21वीं वाहिनी ने एक गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोन क्षेत्र के खैरानी गांव निवासी गर्भवती महिला चंद्रज्योति कुमारी को प्रसव पीड़ा होने की सूचना मिलते ही एसएसबी ने बिना देर किए विशेष 4/4 एंबुलेंस को मौके पर भेजा। दुर्गम क्षेत्र से महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर हरनाटांड़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका सुरक्षित प्रसव कराया गया।
फिलहाल मां और नवजात शिशु दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, खैरानी गांव निवासी चंद्रज्योति कुमारी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और आवागमन की चुनौती को देखते हुए तत्काल चिकित्सकीय सहायता की जरूरत थी। इसकी सूचना एसएसबी 21वीं वाहिनी तक पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।
कमांडेंट के निर्देश पर कुमारचिनवा स्थित ई-कंपनी में तैनात विशेष 4/4 एंबुलेंस को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। एसएसबी कर्मियों ने समय गंवाए बिना महिला को एंबुलेंस से सुरक्षित बाहर निकाला और हरनाटांड़ अस्पताल पहुंचाया। हरनाटांड़ अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने महिला की स्थिति की जांच की और तत्काल प्रसूति संबंधी उपचार शुरू किया। चिकित्सकीय निगरानी में चंद्रज्योति कुमारी का सुरक्षित प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु की आवश्यक जांच की गई।

चिकित्सकों के अनुसार दोनों स्वस्थ हैं और फिलहाल किसी तरह की गंभीर समस्या नहीं है। समय पर अस्पताल पहुंचने से महिला को आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकी। एसएसबी की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया कि सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में जरूरत के समय सुरक्षा बल आम लोगों की सहायता के लिए भी तत्पर रहता है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने एसएसबी की इस पहल की सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गम इलाके में किसी आपात स्थिति के दौरान समय पर वाहन और चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। एसएसबी द्वारा तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराने से महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया जा सका। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की मानवीय पहल से सुरक्षा बल और ग्रामीणों के बीच विश्वास और मजबूत होता है।
एसएसबी के जवान सीमा सुरक्षा के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों की मदद में भी आगे रहते हैं। एसएसबी 21वीं वाहिनी की ओर से बताया गया कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ आम नागरिकों की सहायता करना भी बल की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। “सेवा, सुरक्षा, बंधुत्व” के मूल मंत्र के तहत एसएसबी लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहती है।।इस घटना में भी टीम ने बिना समय गंवाए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए और गर्भवती महिला को अस्पताल तक पहुंचाने में सहयोग किया।
एसएसबी की इस पहल से न केवल एक महिला को समय पर उपचार मिला, बल्कि मां और नवजात दोनों सुरक्षित रहे। क्षेत्र के लोगों ने 21वीं वाहिनी के इस मानवीय प्रयास को सराहनीय बताते हुए जवानों के प्रति आभार जताया।


















