बेतिया।जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने गुरुवार को मझौलिया प्रखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य उपकेन्द्र, प्रखंड कार्यालय एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागीय कार्यों, जनसुविधाओं एवं कार्यालयों में संचालित सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य उपकेन्द्र के निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी ने ओपीडी, लैब, दवा वितरण केन्द्र, चिकित्सक कक्ष, प्रसव वार्ड, प्रसव पूर्व जांच केन्द्र, भर्ती मरीजों के वार्ड सहित अन्य कक्षों एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता एवं साफ-सफाई की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा अस्पताल परिसर में स्वच्छता की समुचित व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक जांच एवं दवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संस्थागत प्रसव एवं प्रसव पूर्व जांच की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने तथा गर्भवती महिलाओं को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

इसके पश्चात जिला पदाधिकारी ने मझौलिया प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न शाखाओं में संचालित कार्यों की जानकारी ली तथा संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान आरटीपीएस काउंटर का जिला पदाधिकारी द्वारा विशेष रूप से गहन निरीक्षण किया गया। उन्होंने काउंटर पर कार्यरत कर्मियों से बारी-बारी से विभिन्न सेवाओं एवं प्राप्त आवेदनों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने आवेदनों के निष्पादन की स्थिति, लंबित मामलों तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

जिला पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि आरटीपीएस के माध्यम से प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करें। किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए तथा आमजन को सरकारी सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने तथा उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिला पदाधिकारी ने परिमार्जन, दाखिल-खारिज सहित अन्य राजस्व मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से लंबित आवेदनों तथा उनके निष्पादन की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि परिमार्जन, दाखिल-खारिज एवं अन्य राजस्व मामलों से संबंधित आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करें। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करें तथा आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने राजस्व संबंधी मामलों के निष्पादन में पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं लोक सेवाओं का लाभ आमजन तक पारदर्शी एवं सुगम तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री काजले वैभव नितिन, सिविल सर्जन, डॉ0 विजय कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, श्री सुजीत कुमार, अंचलाधिकारी, मझौलिया श्रीमती डौली कुमारी सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।













