बगहा। फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर पंचायत शिक्षक के पद पर नियोजन हासिल करने के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई के बाद बगहा नगर थाना में दो शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें एक पंचायत शिक्षक और एक पंचायत शिक्षिका शामिल हैं। मामला दर्ज होने के बाद दोनों के अपने-अपने घरों से गायब होने की चर्चा है। पुलिस अब मामले की जांच के साथ दोनों शिक्षकों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
मामला बगहा-1 प्रखंड से जुड़ा है। आरोपितों की पहचान राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवका टोला, बड़गांव में कार्यरत पंचायत शिक्षक राजेश प्रसाद यादव और राजकीय मध्य विद्यालय बड़गांव में कार्यरत पंचायत शिक्षिका शांति मिश्रा के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने नियोजन के दौरान कथित रूप से फर्जी मध्यमा (संस्कृत) का अंकपत्र और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर पंचायत शिक्षक के पद पर नौकरी हासिल की।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच के दौरान दोनों शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को सत्यापन के लिए बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना भेजा गया था।

बताया गया है कि बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की ओर से तीन अगस्त 2023 को जारी सत्यापन प्रतिवेदन में दोनों शिक्षकों के अंकपत्रों को फर्जी बताया गया। जांच में सामने आया कि संबंधित अंकपत्र बोर्ड द्वारा निर्गत नहीं किए गए थे। इसके बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की।
आरोप है कि वर्ष 2005 और 2006 में पंचायत शिक्षक के नियोजन के दौरान दोनों ने कथित रूप से कूटरचित प्रमाणपत्रों को वास्तविक बताकर सरकारी सेवा प्राप्त की। जांच दस्तावेजों में मामले को संज्ञेय अपराध बताया गया है। साथ ही इस प्रकरण में अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की आवश्यकता जताई गई है।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पूरण कुमार शर्मा ने बताया कि प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई के तहत नगर थाना में दोनों शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले में विभागीय प्रक्रिया के साथ पुलिस की जांच भी जारी है। इधर, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दोनों शिक्षकों के अपने-अपने घरों से गायब होने की चर्चा क्षेत्र में बनी हुई है। पुलिस उनके संबंध में जानकारी जुटाने के साथ मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने और इसके आधार पर नियोजन हासिल करने की प्रक्रिया में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है।


















