बगहा: उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा से सटे बगहा अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्था को लेकर मंगलवार देर शाम उस समय सवाल खड़े हो गए, जब बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ड्यूटी व्यवस्था से लेकर सुरक्षा गार्डों की तैनाती तक कई स्तर पर अनियमितताएं सामने आईं। स्थिति देखकर एसडीएम ने अस्पताल प्रबंधन के प्रति नाराजगी जताई और व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। अस्पताल पहुंचते ही एसडीएम ने सबसे पहले ड्यूटी रोस्टर की जांच की। इस दौरान डॉ.
बालेश्वर शर्मा समेत कई एएनएम निर्धारित ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। इसके बाद एसडीएम ने जीएनएम का ड्यूटी रोस्टर तलब किया। जांच में प्रतिभा कुमारी, संगीता कुमारी और ज्योति कुमारी अस्पताल में मौजूद मिलीं, लेकिन उनकी ड्यूटी रोस्टर के अनुरूप नहीं थी। ड्यूटी में इस तरह की गड़बड़ी पर एसडीएम ने नाराजगी जताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार तिवारी से संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया गया।

एसडीएम ने स्पष्ट किया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में ड्यूटी व्यवस्था निर्धारित रोस्टर के अनुसार ही संचालित होनी चाहिए। इसके बाद एसडीएम ने अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों की उपस्थिति की भी जांच की। रविशंकर कुमार, धर्मेंद्र महतो, बजरंगी कुमार, विमला कुमारी, अमित कुमार और राधिका कुमारी ड्यूटी पर मौजूद मिले। हालांकि, जब एसडीएम ने सुरक्षा गार्डों का ड्यूटी रोस्टर मांगा तो अस्पताल प्रबंधन उसे मौके पर प्रस्तुत नहीं कर सका। इससे सुरक्षा व्यवस्था और कर्मियों की ड्यूटी प्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हो गए।

निरीक्षण के दौरान सुरक्षा गार्ड धर्मेंद्र महतो ने एसडीएम को बताया कि वह करीब ढाई महीने से लगातार नाइट ड्यूटी कर रहे हैं। इस जानकारी पर एसडीएम ने गंभीरता जताई और ड्यूटी व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कर्मियों की ड्यूटी का संतुलित और व्यवस्थित निर्धारण किया जाना जरूरी है। अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. एके तिवारी को मौके पर बुलाया गया, लेकिन वे निरीक्षण के दौरान उपस्थित नहीं हुए।

इसके बाद एसडीएम ने मौजूद चिकित्सकों से सर्पदंश के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन की उपलब्धता की जानकारी ली। चिकित्सकों ने बताया कि अस्पताल में फिलहाल करीब 40 इंजेक्शन उपलब्ध हैं, जो एक-दो दिनों में समाप्त हो सकते हैं। एसडीएम ने अस्पताल के प्रसव कक्ष, आपातकालीन कक्ष और ऑपरेशन थिएटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित कर्मियों को जरूरी निर्देश दिए।

औचक निरीक्षण की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और ड्यूटी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



















