पश्चिम चंपारण: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में बाघ के हमले में एक किसान की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। शनिवार को वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र के भेरियारी चौक के समीप दक्षिण टोला के पास यह घटना हुई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय विजय हालदार के रूप में हुई है। बताया गया कि शनिवार सुबह करीब 11 बजे विजय हालदार जंगल से सटे खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान जंगल की तरफ से निकले बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
हमले में विजय की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

किसान की मौत से नाराज ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर वाल्मीकि नगर-मदनपुर स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब एक सप्ताह से गांव के आसपास बाघ की लगातार गतिविधियां देखी जा रही थीं। इसके बावजूद लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

ग्रामीणों ने मांग की कि जंगल से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और बाघ की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

विरोध के दौरान ग्रामीणों का आक्रोश उस समय और बढ़ गया, जब कुछ लोगों ने वन विभाग की एक गाड़ी को पलट दिया। मौके पर पहुंचे वन कर्मियों के साथ भी भीड़ द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है। स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम को मौके पर बुलाया गया। बगहा एसडीपीओ निहार भूषण, एसडीएम चांदनी कुमारी, एसएसबी के सहायक कमांडेंट अवधेश कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल के जवान घटनास्थल पर पहुंचे।

वाल्मीकि नगर, नौरंगिया और लौकरिया थाने की पुलिस को भी मौके पर भेजा गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
ग्रामीणों के मुताबिक, इलाके में बाघ के हमले की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। कुछ दिन पहले बाघ के हमले में एक महिला की मौत हुई थी। वहीं एक अन्य व्यक्ति बाघ के हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। बाद में जिस बाघ पर हमले का संदेह था, उसका शव भी मृत अवस्था में बरामद किया गया था। वन विभाग की ओर से मृतकों के परिजनों को मुआवजा भी दिया जा चुका है।
इसके बावजूद लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और नाराजगी बढ़ती जा रही है। शनिवार की घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ की निगरानी बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और इलाके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

















