बगहा। नगर के गांधीनगर स्थित आनंद हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। एक महिला की लिखित शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई, जिसके बाद यह कार्रवाई सामने आई। अस्पताल पर बिना वैध अनुमति के चिकित्सा कार्य संचालित किए जाने का आरोप लगाया गया था। रजिस्ट्रेशन रद्द होने के साथ ही अस्पताल में सभी तरह की चिकित्सा गतिविधियां तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया है। हरनाटांड़ पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. के.
बीएन सिंह ने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से आनंद हॉस्पिटल के संचालक को रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने की सूचना दे दी गई है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब अस्पताल में किसी भी प्रकार का चिकित्सा कार्य नहीं किया जा सकता। आदेश की अनदेखी करने पर संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता शबनम ने स्वास्थ्य विभाग को दिए आवेदन में अपनी बेटी सोनी खातून की मौत का मामला उठाया। आवेदन के अनुसार, सोनी खातून का ऑपरेशन रामनगर स्थित संजीवनी हेल्थ केयर में कराया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान उसकी बेटी की मौत हो गई थी। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संजीवनी हेल्थ केयर को सील कर दिया था। मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।
इसके बाद शबनम ने आरोप लगाया कि सील किए जाने के बाद उसी अस्पताल को कथित तौर पर शास्त्री नगर में आनंद हॉस्पिटल के नाम से संचालित किया जा रहा था। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि आनंद हॉस्पिटल में वही चिकित्सक चिकित्सा कार्य कर रहे थे, जो पूर्व में संजीवनी हेल्थ केयर से जुड़े थे। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

शिकायत के साथ रामनगर थाना कांड संख्या 226/2026 की प्राथमिकी और अग्रिम जमानत आवेदन खारिज होने से संबंधित दस्तावेज भी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराए गए थे।
स्वास्थ्य विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई। जांच प्रक्रिया के बाद आनंद हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का निर्णय लिया गया। विभाग की कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रबंधन के सामने अब संचालन को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद अस्पताल में किसी भी तरह का इलाज या चिकित्सा कार्य संचालित करना नियमों के विरुद्ध होगा। यदि विभागीय आदेश के बावजूद अस्पताल चलता मिला तो संचालक के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर अस्पताल के संचालन और कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


















