बगहा। नगर परिषद के वार्ड संख्या 1 से 25 तक शनिवार को सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। सफाई कर्मियों ने काम बंद कर अनुमंडल कार्यालय के समीप गोला बांध पर प्रदर्शन किया और नगर परिषद प्रशासन तथा संबंधित एनजीओ के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
प्रदर्शन के कारण कई वार्डों में कूड़ा नहीं उठ सका, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि वे प्रतिदिन शहर की गंदगी और कचरे की सफाई करते हैं, लेकिन उन्हें न तो सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाती है और न ही मास्क, दस्ताने या निर्धारित ड्रेस दी गई है। उनका कहना है कि बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के काम करने से संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सफाई कर्मियों ने बताया कि हल्की बारिश होने पर उन्हें सफाई कार्य नहीं करने दिया जाता, लेकिन उस दिन का भुगतान भी नहीं किया जाता। इसके अलावा रविवार को भी काम नहीं कराया जाता और उस दिन की मजदूरी भी काट ली जाती है। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 350 रुपये प्रतिदिन दिए जा रहे हैं, जो बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 600 रुपये करने की मांग की है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रामनगर और नरकटियागंज समेत अन्य नगर निकायों में सफाई कर्मियों को बेहतर मजदूरी मिल रही है, जबकि बगहा में समान कार्य करने के बावजूद उन्हें कम भुगतान किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कई बार सभापति और उपसभापति से शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। उन्हें हर बार संबंधित एनजीओ से बात करने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है।

जानकारी के अनुसार, नगर परिषद क्षेत्र की सफाई व्यवस्था निजी एजेंसियों के माध्यम से संचालित की जा रही है। वार्ड संख्या 1 से 25 तक सफाई का जिम्मा दास एंड कंपनी के पास है, जहां करीब 72 महिला एवं पुरुष सफाई कर्मी कार्यरत हैं। वहीं वार्ड संख्या 26 से 35 तक सफाई की जिम्मेदारी एक साज ट्रेडर्स को दी गई है।

सफाई कर्मियों का कहना है कि नगर परिषद एजेंसियों पर बड़ी राशि खर्च करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

इस संबंध में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठा ने कहा कि दोनों एनजीओ को सफाई कर्मियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


















