नल-जल योजना के भुगतान में मांगी थी ₹28 हजार की घूस
नरकटियागंज में बुधवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई नल-जल योजना के रखरखाव (मेंटेनेंस) मद के भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने पंचायत सचिव के आवास पर भी छापेमारी कर आवश्यक दस्तावेज जब्त किए। इस कार्रवाई से प्रखंड कार्यालय सहित संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया।जानकारी के अनुसार, नल-जल योजना के संवेदक परवेज कौशर से मेंटेनेंस भुगतान जारी करने के बदले पंचायत सचिव द्वारा 28 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। रिश्वत की राशि नहीं देने पर भुगतान में लगातार बाधा उत्पन्न की जा रही थी। इससे परेशान होकर संवेदक ने 27 जुलाई को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत प्राप्त होने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। बुधवार को मलदहिया मदरसा परिसर में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान जैसे ही संवेदक ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये पंचायत सचिव को सौंपे, पहले से तैनात निगरानी टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया।
गिरफ्तारी के उपरांत निगरानी अधिकारियों ने पंचायत सचिव के आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण अभिलेख और अन्य आवश्यक कागजात जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।निगरानी डीएसपी कृपाल चंद्र जायसवाल ने बताया कि नल-जल योजना के संवेदक से रिश्वत लेने के क्रम में पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने के बाद विधिवत कार्रवाई की गई। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।वहीं, संवेदक परवेज कौशर ने बताया कि भुगतान के बदले लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। राशि नहीं देने पर उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा था। विवश होकर उन्होंने निगरानी विभाग से शिकायत की, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी। अब उन्हें उम्मीद है कि बिना किसी अवैध मांग के उनका लंबित भुगतान जारी होगा।



















