आजादी के अमृत काल में पश्चिमी चंपारण के चार ऐसे गांवों ने इतिहास रचा है, जहाँ पिछले 50 वर्षों से लोग अंधेरे में जीवन यापन कर रहे थे। 'मुख्यमंत्री ग्रामीण बिजली योजना' के तहत इन गांवों में बुनियादी ढांचा तैयार कर बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी गई है । भौगोलिक रूप से दुर्गम और बाढ़ प्रभावित होने के कारण इन क्षेत्रों तक बिजली के खंभे पहुँचाना एक बड़ी चुनौती थी। 18 मार्च 2026 की शाम जैसे ही गांव के ट्रांसफार्मर ने काम करना शुरू किया और सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइटें जलीं, पूरा गांव उत्सव के माहौल में डूब गया। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके बच्चों को ढिबरी या मोमबत्ती की रोशनी में नहीं पढ़ना पड़ेगा। बिजली आने से स्थानीय स्तर पर छोटे कुटीर उद्योगों और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि शेष बचे टोलों को भी अगले तीन महीनों के भीतर कवर कर लिया जाएगा।
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50 साल का इंतजार खत्म: पश्चिमी चंपारण के चार सुदूरवर्ती गांवों में पहली बार पहुंची बिजली
Nautan•19 March 2026
Reported by
Bagaha LiveREPORTER
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