गंडक नदी के जलस्तर में हल्की वृद्धि के साथ ही धनहा गौतम बुद्ध सेतु के एक नंबर पिलर के निचले हिस्से में नदी का कटाव शुरू हो गया है। हालांकि फिलहाल कटाव की रफ्तार काफी धीमी बताई जा रही है, लेकिन कटाव को लेकर आसपास के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर लगातार बढ़ता रहा और समय रहते प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो कटाव की स्थिति गंभीर हो सकती है।
स्थानीय ग्रामीण जनार्दन यादव, लालू यादव, रामजी श्रीवास्तव, कैलाश खटीक, प्रमोद गुप्ता ने बताया कि हर वर्ष मानसून के दौरान गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने पर कटाव की समस्या सामने आती है। पिछले वर्ष भी गौतम बुद्ध सेतु के एक नंबर पिलर के निचले हिस्से में तेज कटाव हुआ था। जिससे नदी की धारा सेमरबारी गांव एवं नदी की धारा के बीच निर्माण कराए गए गाइड बांध के समीप पहुंच गई थी। हालांकि विभाग ने युद्ध स्तर पर कटाव रोधी कार्य कराया। जिससे कटाव पर विराम लगा था।लेकिन इस वर्ष भी एक नंबर पिलर के निचले हिस्से में कटाव शुरू होने से लोगों में गाइड बांध एवं गांव की सुरक्षा को लेकर भी आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जल संसाधन विभाग से लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।
इधर, जल संसाधन विभाग ने स्थिति पर नजर बनाए रखने का दावा किया है। 23,40 प्वाइंट पर तैनात जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता करण कुमार ने बताया कि बाढ़ एवं कटाव से निपटने के लिए आवश्यक सामग्री का विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर पहले से भंडारण कर लिया गया है। यदि किसी स्थान पर कटाव की रफ्तार तेज होती है, तो तत्काल युद्ध स्तर पर कटाव निरोधी कार्य शुरू कराए जाएंगे, ताकि सेतु और आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षित रखा जा सके।
फिलहाल विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है, जबकि स्थानीय लोग प्रशासन से एहतियाती कदम उठाने और संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने की मांग कर रहे हैं।













