बगहा। बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना के निर्देश पर पुलिस जिला बगहा में मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर सोमवार को विशेष जन जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार की उपस्थिति में मानव व्यापार निरोध इकाई (एएचटीयू) द्वारा 10+2 प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, पटखौली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं और आम नागरिकों को मानव तस्करी के बढ़ते खतरे, इसके तौर-तरीकों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि मानव तस्कर अक्सर रोजगार, शिक्षा, विवाह, मॉडलिंग, विदेश में नौकरी या बेहतर भविष्य का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। विशेष रूप से किशोरियों और युवाओं को ऐसे प्रलोभनों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में आने से पहले उसकी पूरी जानकारी और सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को साइबर माध्यमों के जरिए होने वाली ठगी और मानव तस्करी के नए तरीकों की भी जानकारी दी गई। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल या फर्जी एजेंसियों के माध्यम से मिलने वाले आकर्षक नौकरी या पढ़ाई के प्रस्तावों पर बिना जांच-परख के भरोसा नहीं करना चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगे या किसी के साथ मानव तस्करी की आशंका हो तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय थाना या पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर सूचना पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम में छात्राओं को जागरूक नागरिक बनने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी मानव तस्करी के प्रति सतर्क करने का संदेश दिया गया।
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने कहा कि मानव तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार से जुड़ा गंभीर अपराध है। इसकी रोकथाम के लिए पुलिस के साथ-साथ समाज, अभिभावकों, शिक्षकों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बगहा पुलिस भविष्य में भी स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के जागरूकता अभियान लगातार चलाती रहेगी, ताकि लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके और मानव तस्करी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।













