बगहा। सरकार की महत्वाकांक्षी विवाह भवन (विवाह मंडपम) योजना बगहा-2 प्रखंड में भूमि की कमी के कारण रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने से अधिकांश पंचायतों में निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीणों को योजना का लाभ मिलने में देरी हो रही है।
जानकारी के अनुसार, बगहा-2 प्रखंड की 25 पंचायतों में से अब तक केवल सात पंचायतों के लिए ही भूमि उपलब्ध कराई जा सकी है। शेष 18 पंचायतों में सरकारी जमीन नहीं मिलने के कारण योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। विवाह भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अंचल प्रशासन की है, लेकिन पर्याप्त सरकारी भूमि चिह्नित नहीं होने और हस्तांतरण प्रक्रिया में विलंब से निर्माण कार्य प्रभावित है।
योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शादी-विवाह के अलावा सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए आधुनिक और सुलभ आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराना है। विवाह भवन बनने से ग्रामीणों को कम खर्च में कार्यक्रम आयोजित करने की सुविधा मिलेगी, लेकिन भूमि की अनुपलब्धता के कारण योजना फिलहाल अधर में लटकी हुई है।
वहीं, बगहा-1 प्रखंड की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। यहां 24 पंचायतों में विवाह भवन निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से 15 पंचायतों के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है, जबकि शेष नौ पंचायतों में जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।

बगहा-1 के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि जिन पंचायतों में भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां सरकारी जमीन की तलाश की जा रही है। भूमि चिह्नित होते ही हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
बगहा-2 के प्रखंड विकास पदाधिकारी विदु कुमार ने कहा कि जिन पंचायतों में भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है, उनके लिए अंचल प्रशासन से भूमि का प्रस्ताव मांगा गया है। प्रस्ताव प्राप्त होते ही निर्माण कार्य की आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।












