चौतरवा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर किया खुलासा, ₹84,500 रुपए सहित दो एंड्राइड मोबाइल बरामद; तीन आरोपित गिरफ्तार कर भेजे गए जेल
चौतरवा। चौतरवा थाना क्षेत्र के बहुअरवा के समीप चाकू की नोक पर वसूली की राशि लूटे जाने की घटना का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। जांच में कथित लूट की पूरी कहानी झूठी निकली। पुलिस ने खुलासा किया कि राइस मिल का मुंशी स्वयं ही इस साजिश का मुख्य सूत्रधार था।
उसने वसूली की रकम हड़पने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से अपने दो साथियों के साथ मिलकर फर्जी लूटकांड की योजना बनाई थी।अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) निहार भूषण ने सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि रविवार को नरकटियागंज स्थित वीपी एंड संस एक राइस मिल के मुंशी ओम बाबू कुमार ने चौतरवा थाने में लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया था कि वह वसूली कर वापस लौट रहा था।

इसी दौरान बहुअरवा के समीप तीन-चार अज्ञात बदमाशों ने चाकू का भय दिखाकर उसके पास मौजूद पूरी नकदी लूट ली।घटना की गंभीरता को देखते हुए चौतरवा थाना पुलिस ने तत्काल जांच प्रारंभ की। तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ तथा घटनास्थल के विभिन्न पहलुओं की गहन जांच के दौरान पुलिस को शिकायतकर्ता की कहानी पर संदेह हुआ। सघन पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हो गया। जांच में सामने आया कि कथित लूट की घटना पूरी तरह मनगढ़ंत थी और इसकी साजिश स्वयं शिकायतकर्ता ओम बाबू कुमार ने रची थी।
एसडीपीओ ने बताया कि ओम बाबू कुमार ने वसूली की राशि गबन करने की नीयत से अपने दो परिचितों को बुलाकर फर्जी लूट का नाटक रचा था, ताकि रकम अपने पास रख सके और किसी को संदेह भी न हो। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चौतरवा प्रभारी थानाध्यक्ष महेश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया।

टीम में AHTU कामेश कुमार,डीआईयू के पुलिसकर्मी अशोक कुमार एवं अनुज कुमार सहित अन्य जवान शामिल थे।पुलिस टीम ने शिकारपुर थाना क्षेत्र के पकड़ी निवासी संतोष साह के 27 वर्षीय पुत्र एवं मुख्य साजिशकर्ता ओम बाबू कुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।इसके बाद पकड़ी ढाला निवासी सुरेंद्र चौधरी के पुत्र आनंद कुमार चौधरी उर्फ छोटू कुमार तथा सुरेश साह के पुत्र नगीना कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।तीनों आरोपितों को चौतरवा थाना लाकर पूछताछ की गई,जहां उन्होंने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से वसूली की ₹84,500 नकद राशि के साथ दो एंड्राइड मोबाइल भी बरामद कर ली।आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार को तीनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।एसडीपीओ निहार भूषण ने बताया कि पुलिस को गुमराह करने, झूठी सूचना देने तथा वसूली की राशि के गबन की नीयत से रची गई इस साजिश का सफलतापूर्वक खुलासा कर लिया गया है।
वही छापेमारी दल में सर्किल इंस्पेक्टर नीरज कुमार, प्रभारी थानाध्यक्ष महेश कुमार,AHTU कामेश कुमार, DIU अशोक कुमार एवं अनुज कुमार सहित अन्य जवान शामिल थे।उन्होंने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



















