बगहा। मानसून के दौरान जलजमाव की समस्या से शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए बगहा नगर परिषद ने नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया है। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के निर्देश पर शहर के विभिन्न इलाकों में बंद पड़ी नालियों को खुलवाया जा रहा है और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद जारी है। इसी क्रम में वार्ड संख्या 31 में डॉ. रिजवान के घर के समीप नाली पर डाली गई भारी मात्रा में मिट्टी को हटाकर नाले की सफाई कराई गई। नगर परिषद की टीम ने मौके पर पहुंचकर नाली को पूरी तरह साफ कराया, ताकि बरसात के दौरान पानी का बहाव बाधित न हो और आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न हो। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठा ने बताया कि एसडीएम के निर्देश के अनुरूप उन सभी स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां नालियों पर अतिक्रमण कर उन्हें बंद कर दिया गया है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों को पहले चेतावनी दी जा रही है और उन्हें स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए कहा जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर नगर परिषद की टीम कार्रवाई करते हुए नालियों को अतिक्रमण मुक्त करा रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में एसडीएम ने नगर परिषद के अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान वार्ड संख्या 31 के अलावा अनुमंडल कार्यालय के पीछे स्थित नाले में गाद और कचरे का जमाव पाया गया था। इसके बाद तत्काल सफाई कराने का निर्देश दिया गया, जिसके अनुपालन में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम में जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना नगर परिषद की प्राथमिकता है। यदि नालियां समय पर साफ नहीं होंगी तो थोड़ी सी बारिश में भी सड़कों और मोहल्लों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसे देखते हुए सफाई कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

नगर परिषद ने नालियों की नियमित सफाई और निगरानी के लिए अधिकारियों एवं कर्मियों की विशेष टीम भी गठित की है। यह टीम शहर के अलग-अलग वार्डों का लगातार निरीक्षण करेगी, जहां भी नालियों में गाद, कचरा या अतिक्रमण मिलेगा, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नगर परिषद ने शहरवासियों से भी अपील की है कि वे नालियों में कचरा या मिट्टी नहीं डालें और जल निकासी व्यवस्था को बाधित करने वाले किसी भी अतिक्रमण से बचें। परिषद का कहना है कि प्रशासन और आम नागरिकों के सहयोग से ही मानसून के दौरान जलजमाव जैसी समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।













