बेतिया। नगर निगम द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए जारी निविदा संख्या 14, 15 एवं 16 के तहत प्रस्तावित वार्ड 32 समेत शहर की विभिन्न नव अधिग्रहित क्षेत्रों सहित अन्य विकास योजनाओं को रद्द कराने के लिए नवनिर्वाचित सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों और एक अन्य पार्षद द्वारा दिए गए आवेदन पर विवाद गहरा गया है।
मंगलवार को वार्ड 32 में आयोजित सहयोग शिविर में पहुंचीं महापौर गरिमा देवी सिकारिया के समक्ष स्थानीय नागरिकों ने इसको लेकर कड़ा विरोध जताया। सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर युक्त आवेदन महापौर को सौंपते हुए वार्ड की आवश्यक विकास योजना को रद्द नहीं करने की मांग की गई।
आवेदन में नागरिकों ने कहा है कि निविदा संख्या 14, 15 एवं 16 में वार्ड 32 समेत नगर निगम के नव अधिग्रहित क्षेत्र एवं अन्य कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं शामिल हैं। निविदा प्रकाशित होने के बाद सशक्त स्थायी समिति के सदस्य सहमत अली (वार्ड 3), कुणाल राज श्रॉफ (वार्ड 8), रूही सिंह (वार्ड 25), सविता देवी (वार्ड 18), ऋतुल प्रिया (वार्ड 33) तथा पार्षद अनुराधा यादव (वार्ड 2) द्वारा इन निविदाओं को रद्द करने के लिए आवेदन दिया गया है।
सशक्त स्थायी समिति सदस्यों के इस मांग को जनहित के विरुद्ध बताते हुए दर्जनों लोगों द्वारा आपत्ति जताई गई।

आवेदनकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वार्ड 32 में जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित योजना अत्यंत आवश्यक है। इसे रद्द कराने का प्रयास क्षेत्र के विकास में बाधा उत्पन्न करेगा। आवेदन में सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों पर अधिकारों के दुरुपयोग तथा विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि पूर्व में समिति के कुछ नवनिर्वाचित सदस्यों के विरुद्ध परिवाद दायर किए जाने के कारण बदला लेने की भावना है।
वार्ड की विकास योजनाओं को रोकने का षड्यंत्र किया जा रहा है। इसको लेकर नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि वार्ड 32 की आवश्यक विकास योजना सहित अन्य योजनाओं को रद्द किया गया, तो वार्ड के लोग नगर निगम कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। वही वार्ड 32 की आक्रोशित जनता को जनहित और नियमों के विरुद्ध योजनाओं को रद्द करने जैसी कोई भी मांग स्वीकार नहीं किए जाने का महापौर गरिमा देवी सिकारिया के द्वारा विनम्रता पूर्वक आश्वासन दिया गया।
इसके साथ ही महापौर श्रीमती सिकारिया ने कहा कि अड़ंगेबाजी के बावजूद नवअधिग्रहित क्षेत्रों के साथ सम्पूर्ण नगर निगम क्षेत्र का क्रमवार चतुर्दिक विकास होने कोई नहीं रोक सकता है।



















