बगहा। पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा नगर स्थित गुदरी बाजार निवासी व्यवसायी विनोद कुमार तिवारी एवं गृहिणी बीना तिवारी की पुत्री पलक तिवारी ने नीट (यूजी)-2026 परीक्षा में 720 में से 573 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 21,757 हासिल की है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे बगहा क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। शुभचिंतक, रिश्तेदार और स्थानीय लोग लगातार उनके घर पहुंचकर बधाई एवं शुभकामनाएं दे रहे हैं।

पलक ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने दिवंगत दादा स्वर्गीय ब्रज बिहारी तिवारी (वैद्य जी) की प्रेरणा, माता-पिता के अटूट सहयोग और अपनी मेहनत व सेल्फ स्टडी को दिया। उन्होंने बताया कि पहली बार कोटा में रहकर तैयारी करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। हालांकि उन्होंने असफलता को अपनी मंजिल के बीच नहीं आने दिया। आत्मविश्वास बनाए रखते हुए घर लौटकर नियमित स्व-अध्ययन किया और दूसरी ही कोशिश में शानदार सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। पलक की प्रारंभिक शिक्षा मॉन्टफोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बगहा से हुई, जबकि इंटरमीडिएट की पढ़ाई उन्होंने कुरुक्षेत्र से पूरी की। बचपन से ही उनका सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना रहा है। उनका मानना है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। भविष्य में वे प्रशासनिक सेवा में भी जाने की इच्छा रखती हैं ताकि समाज में पारदर्शिता, ईमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।

573 अंकों के आधार पर पलक के लिए बिहार राज्य कोटा से किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश की अच्छी संभावना जताई जा रही है। उनकी इस उपलब्धि ने बगहा सहित पूरे पश्चिमी चंपारण जिले का नाम गौरवान्वित किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पलक की सफलता क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी। पलक की सफलता एक सकारात्मक सामाजिक बदलाव का भी संदेश देती है। आज बेटियां शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, खेल और अन्य सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। एक समय था जब सामाजिक सोच के कारण लड़कियों की शिक्षा और उनके सपनों पर कई तरह की सीमाएं लगा दी जाती थीं। लेकिन समय के साथ समाज की सोच बदली है। आज अभिभावक बेटियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूरा सहयोग दे रहे हैं।

यही बदलाव आज देश की प्रगति की सबसे बड़ी ताकत बन रहा है। बेटियां अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और परिवार के साथ-साथ समाज एवं राष्ट्र का नाम भी रोशन कर रही हैं। पलक तिवारी की सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। उनकी उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे बगहा और पश्चिमी चंपारण के लिए प्रेरणा, सम्मान और उत्साह का प्रतीक बन गई है।













