उत्तम शिक्षा,श्रेष्ठ संस्कार और ईमानदार सेवा से ही बनेगा सशक्त भारत : बीडीओ प्रदीप कुमार
चौतरवा।संवाददाता।बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पहल के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से राज्य के 551 मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय) का एक साथ विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव तथा शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी कार्यक्रम से जुड़े। इसी क्रम में बगहा-1 प्रखंड की पतिलार पंचायत स्थित राजकीयकृत श्री हरिहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में स्थापित सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
स्थानीय समारोह के मुख्य अतिथि प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप कुमार रहे। उन्होंने शिक्षा पदाधिकारी पुरन शर्मा एवं मुखिया प्रतिनिधि डॉ. अभिषेक मिश्रा के साथ संयुक्त रूप से फीता काटकर मॉडल स्कूल का उद्घाटन किया। उद्घाटन के साथ ही विद्यालय परिसर में उत्साह और उल्लास का वातावरण छा गया। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया तथा पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय प्रसाद गुप्ता, शिक्षाविद घनश्याम मिश्र एवं अन्य शिक्षकों ने मुख्य अतिथि सहित सभी विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक घनश्याम मिश्र ने किया। समारोह के समापन पर अतिथियों ने विद्यार्थियों पर पुष्पवर्षा कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि बीडीओ प्रदीप कुमार ने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना है।उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को अपनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए।उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, "उत्तम शिक्षा और श्रेष्ठ संस्कार ग्रहण कर योग्य नागरिक बनें तथा अपने देश, समाज और परिवार की ईमानदारी से सेवा करें। यही सच्ची सफलता और जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।"
शिक्षा पदाधिकारी पुरन शर्मा ने कहा कि मॉडल स्कूल की स्थापना सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।आधुनिक शिक्षण व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण वातावरण तथा उत्कृष्ट शैक्षणिक संसाधनों के माध्यम से बच्चों को प्रतिस्पर्धी शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
मुखिया प्रतिनिधि डॉ. अभिषेक मिश्रा ने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में उत्तम शिक्षा, श्रेष्ठ संस्कार और अनुशासन को अपनाकर समाज के आदर्श नागरिक बनें। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल पद प्राप्त करने से नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा से मिलती है।विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय प्रसाद गुप्ता ने कहा कि बिहार सरकार की यह अभिनव पहल सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को नई पहचान और बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि मॉडल स्कूल के प्रथम सत्र के लिए 40 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिनमें 20 छात्र एवं 20 छात्राएं शामिल हैं। इन विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण पद्धति, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन तथा समग्र व्यक्तित्व विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
समारोह में सरपंच प्रतिनिधि जगन्नाथ यादव, कर्मवीर मिश्र, दीपू शाही, शशिरंजन सिंह, प्रमोद प्रसाद, काजू राजन यादव, पप्पू राव, जीतन जायसवाल, मुकेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।वहीं शिक्षक रिपुंजय राव, नरेश प्रसाद, रितेश कुमार, कलीम अख्तर, युगल किशोर, निखिल कुमार उपाध्याय, सुजीत कुमार, नदीम अनवर तथा शिक्षिकाएं सुनीता कुमारी, सरिता कुमारी, वीणा कुमारी, सुशीला देवी, आस्था मिश्रा, रुचि कुमारी, पूजा कुमारी, रानी कुमारी, रानी, शाइस्ता लाडली एवं चंदना मंडल सहित अनेक अभिभावक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मॉडल स्कूल के शुभारंभ के साथ पतिलार क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। स्थानीय लोगों ने बिहार सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे ग्रामीण विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम बताया।
















