बगहा। व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित स्वास्थ्य केंद्र में अनियमितता की शिकायत के बाद मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उपस्थिति पंजी में हेराफेरी समेत कई अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित जीएनएम से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन ने बताया कि न्यायालय प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य केंद्र के संचालन, दवा वितरण और अभिलेखों में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर दवा वितरण व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर, उपस्थिति पंजी और अन्य दस्तावेजों की विस्तार से जांच की गई। जांच में सामने आया कि जीएनएम कृष्ण गोयल की अनुपस्थिति प्रभारी चिकित्सक डॉ. अतुल कुमार ने उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज कर उनकी हाजिरी काट दी थी। इसके बावजूद बाद में बिना किसी सक्षम आदेश के उसी रजिस्टर में दोबारा उपस्थिति दर्ज कर दी गई। सिविल सर्जन ने इसे गंभीर प्रशासनिक अनियमितता मानते हुए संबंधित जीएनएम से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
निरीक्षण के दौरान दवा वितरण और स्टॉक रजिस्टर की भी समीक्षा की गई। सिविल सर्जन ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित है। मरीजों को समय पर दवा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अभिलेखों में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के बाद सिविल सर्जन ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी जायजा लिया। उन्होंने लेबर रूम, ओपीडी, टीकाकरण केंद्र समेत विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कण सिंह, मूल्यांकन पदाधिकारी विनय कुमार सिंह, स्वास्थ्य प्रबंधक सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
गनौली स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक से भी जवाब-तलब
उधर, गनौली स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की शिकायत स्थानीय लोगों ने सिविल सर्जन से की। शिकायत के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. के. बीएन सिंह ने संबंधित चिकित्सक से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।













