चनपटिया। गणेश प्रसाद हाई स्कूल परिसर में 30 अगस्त को कांग्रेस विधायक द्वारा आयोजित रोजगार मेले को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। चनपटिया के पूर्व विधायक उमाकांत सिंह ने शुक्रवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोजगार मेले की व्यवस्थाओं, रोजगार के आंकड़ों और कथित वसूली के आरोपों पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पूर्व विधायक ने कहा कि रोजगार मेले से पहले व्यापक प्रचार के माध्यम से करीब 10 हजार बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का दावा किया गया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित विधायक के एक बयान में तीन से चार हजार लोगों को रोजगार देने की बात कही जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि वास्तव में कितने युवाओं को नौकरी मिली—10 हजार का दावा सही है या तीन से चार हजार का आंकड़ा?
उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार मेले के दौरान युवाओं को कांग्रेस की सदस्यता भी दिलाई गई। इस प्रकार रोजगार मेले के मंच से सदस्यता अभियान चलाए जाने का आरोप भी सामने आया है।
सबसे गंभीर आरोप नौकरी दिलाने के नाम पर कथित वसूली से संबंधित है। पूर्व विधायक के अनुसार, घोंघा, पड़ुकिया और कर्णपट्टी के कुछ युवाओं से लेनोवो कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर 1,350 रुपये लिए जाने की शिकायत मिली है। उन्होंने सवाल किया कि जिस कंपनी के नाम पर युवाओं से राशि ली गई, उसका पटना कार्यालय और नोएडा स्थित कथित प्रशिक्षण केंद्र आखिर कहां है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले से संबंधित कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं।
पूर्व विधायक ने गठबंधन नेता ओम प्रकाश क्रांति के दावों का हवाला देते हुए कहा कि उनके घर दूध पहुंचाने वाली एक युवती से भी कथित तौर पर एक हजार रुपये मांगे गए। वहीं, कर्णपट्टी निवासी शेख मोजमिल से दो हजार रुपये भेजने को कहे जाने का भी दावा किया गया है।
उमाकांत सिंह ने कहा कि अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि रोजगार मेले में कितने युवाओं को नौकरी मिली और कितने लोगों से पैसे लिए गए।



















