बगहा। उत्तर प्रदेश और नेपाल की सीमा से सटे बगहा अनुमंडलीय अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सात प्रखंडों की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले इस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सोमवार को व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं रहने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गंभीर हालत में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को व्हीलचेयर नहीं मिलने पर परिजन उन्हें दोनों तरफ से सहारा देकर किसी तरह इमरजेंसी वार्ड के बेड तक पहुंचाते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई मरीज ऐसे थे जो चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ थे। बावजूद इसके इमरजेंसी में एक भी व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं थी। मजबूरी में परिजनों ने मरीजों को हाथ पकड़कर या कंधे का सहारा देकर वार्ड तक पहुंचाया। इस दौरान मरीजों के साथ आए लोगों ने अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब इमरजेंसी में ही बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी तो मरीजों को समय पर इलाज कैसे मिलेगा।
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल की उपलब्ध व्हीलचेयर इमरजेंसी के बजाय अन्य विभागों में उपयोग हो रही थीं। दो व्हीलचेयर ओपीडी में मरीजों को एक्स-रे कक्ष तक ले जाने के लिए भेजी गई थीं, जबकि एक व्हीलचेयर लेबर रूम में इस्तेमाल की जा रही थी। इसके कारण इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों के लिए कोई व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं रह गई। बगहा अनुमंडलीय अस्पताल न केवल बगहा अनुमंडल के सात प्रखंडों, बल्कि उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों और नेपाल से आने वाले मरीजों के लिए भी प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है। प्रतिदिन यहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में व्हीलचेयर जैसी जरूरी सुविधा का अभाव स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को इमरजेंसी के लिए अलग से पर्याप्त संख्या में व्हीलचेयर उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल राहत मिल सके।

मामले पर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि दो व्हीलचेयर ओपीडी में एक्स-रे के लिए मरीज के परिजन ले गए है और एक लेबर रूम में उपयोग हो रही थी। इसी कारण कुछ समय के लिए इमरजेंसी में व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।













