बगहा। ईश्वर के घर में देर है, अंधेर नहीं'—यह कहावत मोतिहारी और बगहा पुलिस जिला के चर्चित सब-इंस्पेक्टर सम्पत कुमार यादव पर बिल्कुल सटीक बैठती है। बगहा के सेमरा थाना के पूर्व थानाध्यक्ष और वर्तमान में मोतिहारी के तुरकौलिया थानाध्यक्ष सम्पत कुमार यादव एक बार फिर गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। मोतिहारी के कर्मठ, तेज-तर्रार और ईमानदार पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। थानाध्यक्ष सम्पत कुमार यादव पर ड्रग्स मामले से जुड़ी लग भग 25 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि की हेराफेरी करने और इस संदर्भ में दर्ज प्राथमिकी में तथ्यों को छुपाकर, मरोड़कर पेश करने का गंभीर आरोप है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने गहन जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसपी ने यह सख्त एक्शन लिया, जिससे महकमे में हड़कंप मच गया है। सम्पत कुमार यादव का विवादों से पुराना नाता रहा है। बगहा के सेमरा थाना में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कथित तौर पर अपने पद का जमकर दुरुपयोग किया। स्थानीय स्तर पर उन्हें 'महा रिश्वतखोर थानाध्यक्ष' तक कहा जाता था और उन पर अवैध वसूली के अनगिनत आरोप लगे थे। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कई गंभीर अनियमितताएं की थीं।

आरजेडी नेता प्रवक्ता सह प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता जावेद अख्तर उर्फ मुन्ना ने इस निलंबन का स्वागत करते हुए बताया कि सम्पत कुमार यादव के पापों का घड़ा अब भर चुका है। एक आपराधिक मामले में बगहा व्यवहार न्यायालय ने उनके खिलाफ कड़ा संज्ञान लिया है और आगामी 30 जून 2026 को उन्हें अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का सख्त हुक्म सुनाया है। इसके अलावा, सम्पत कुमार के खिलाफ माननीय पटना उच्च न्यायालय में भी एक आपराधिक रिट याचिका दायर की गई है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि खाकी की आड़ में भ्रष्टाचार और हेराफेरी करने वाले अफसर चाहे जितने रसूखदार हों, कानून के लंबे हाथों से नहीं बच सकते।












