बगहा: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पतिलार में माह के चौथे शनिवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक PHC बगहा-1 के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार सिंह "नीरज" की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
📋 बैठक के मुख्य एजेंडे और निर्देश
बैठक में ए.एन.एम. (ANM) के कार्यों की गहन समीक्षा की गई और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए:
1. टीकाकरण एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम
नियमित टीकाकरण (RI): जून माह के नियमित टीकाकरण लक्ष्यों की समीक्षा की गई।
HPV वैक्सीनेशन: 14 वर्ष की बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV वैक्सीन को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
RCH कार्यक्रम: गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं का शत-प्रतिशत (100%) टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
2. परिवार नियोजन एवं मौसमी बीमारियाँ
फैमिली प्लानिंग: सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार परिवार नियोजन कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने का निर्देश मिला।
NCD स्क्रीनिंग व लू-तापघात: बढ़ती गर्मी को देखते हुए लू (Heatwave), तापघात और अन्य मौसमी बीमारियों को लेकर पूरी टीम को अलर्ट रहने को कहा गया।
दवाओं का स्टॉक: भीषण गर्मी के मद्देनजर अस्पताल और फील्ड स्तर पर पर्याप्त मात्रा में दवाओं का स्टॉक रखने का आदेश दिया गया।
3. विभागीय योजनाएं और पोर्टल ट्रेनिंग
IHMS पोर्टल: बैठक के दौरान सभी स्वास्थ्य कर्मियों को आई.एच.एम.एस. (IHMS) पोर्टल का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
लाडो प्रोत्साहन योजना: योजना के तहत लंबित (Pending) मामलों को समय पर निपटाने और मरीजों को विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
🔍 कार्यप्रणाली की समीक्षा और कड़ा रुख
कम उपलब्धि पर कार्रवाई: समीक्षा के दौरान जिन ANM की मासिक उपलब्धि (Monthly Performance) लक्ष्य से कम पाई गई, उनसे स्पष्टीकरण (Show-cause) मांगा गया है।
कड़ी चेतावनी: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए सभी को समय सीमा के भीतर अपना शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।
📌 विशेष निर्देश: पल्स पोलियो अभियान
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार सिंह "नीरज" ने बताया कि:
जून माह के चौथे शनिवार की इस बैठक में आगामी रविवार से शुरू हो रहे पल्स पोलियो कार्यक्रम को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई है। सभी ANM को निर्देशित किया गया है कि वे डोर-टू-डोर (घर-घर) जाकर 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर शत-प्रतिशत प्रतिरक्षित करना सुनिश्चित करें।












