मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी स्थित गांधी मैदान में 'जय चित्रांश' के बैनर तले आयोजित कायस्थ महापंचायत में समाज के विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जुटे कायस्थ समाज के लोगों ने राजनीति में उचित भागीदारी की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की और विभिन्न राजनीतिक दलों पर समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
महापंचायत को संबोधित करते हुए जय चित्रांश के सीतेश रमण ने कहा कि संगठन का उद्देश्य बिहार के सभी जिलों में जाकर कायस्थ समाज को एकजुट करना और जागरूकता अभियान चलाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिगत जनगणना में कायस्थ समाज की आबादी वास्तविक संख्या से कम दर्शाई गई है, जिससे समाज में असंतोष व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज की शैक्षिक, सामाजिक और राजनीतिक विरासत की लगातार अनदेखी की जा रही है। विधानसभा और अन्य निर्वाचित संस्थाओं में समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अब चित्रांश समाज अपने अधिकारों के लिए शांत नहीं बैठेगा।
सीतेश रमण ने कहा, "अब चित्रांश समाज एसी कमरों में बैठकर नहीं, बल्कि धूप में सड़क पर उतरकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेगा। यदि राजनीति में सम्मानजनक हिस्सेदारी नहीं मिली तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा।"
महापंचायत में उपस्थित लोगों ने भी एक स्वर में राजनीतिक दलों से कायस्थ समाज को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देने की मांग की और कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान समाज की एकजुटता और राजनीतिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।












