मधुबनी। बगहा अनुमंडल अंतर्गत मधुबनी प्रखंड स्थित राजकीय कृत हरदेव प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं प्रख्यात पर्यावरणविद् पं०भरत उपाध्याय ने बताया कि पूर्व प्रधानाचार्य पंडित सुधाकर मिश्र जी के निवास स्थान चन्द्रौटा में श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ में परम् पूज्य जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य जी महाराज के श्रीमुख से अमृत कथा में भाग लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

श्रेष्ठ विद्वान राघवाचार्य जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा श्रवण के साथ साथ प्रकृति के सेहत की सुरक्षा हेतु, हम सभी को कम-से-कम तीन वृक्ष अवश्य लगाने चाहिए।आज समापन दिवस पर मैं समस्त परिकर के साथ इस प्रांगण में वरगद,पिपर और पाकड़ का पौधरोपण कर पर्यावरण से शुद्ध प्राणवायु प्राप्त करने का प्रयास कर दिया है। आप सभी श्रोतागणों से मेरा आग्रह है कि आने वाली पीढ़ी को शुद्ध प्राणवायु प्राप्त हो इसके लिए वृक्षारोपण के साथ उसके संरक्षण पर विशेष ध्यान रखें।
इस अवसर पर अपने संबोधन में पूर्व प्राचार्य पंडित भरत उपाध्याय ने कहा की मन का सुधार ही जीवन का सबसे बड़ा सुधार है। मन बदलने से दृष्टि बदलती है और दृष्टि बदलते ही जीवन बदल जाता है। अतः महाराज जी के मार्ग दर्शन हमें शिरोधार्य है । प्रसन्नता की बात है कि इस महायज्ञ का समापन वृक्षारोपण के साथ संपन्न हुआ इससे समाज में एक नया सार्थक संदेश जाएगा।
इस अवसर पर डॉ वेद प्रकाश मिश्र, विपिन बिहारी तिवारी, प्रमोद कुमार मिश्र, प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता मिश्रा, रजनीकांत मिश्र, दिनेश कुमार गुप्ता, डॉ बालमुकुंद मिश्र, महेश मिश्र, चितरंजन तिवारी, दिनेश पति त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों एवं हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।












